कोटा में सी-सेक्शन के बाद एक महिला की मौत, राजस्थान सरकार ने विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड गठित किया

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कोटा में सी-सेक्शन के बाद एक महिला की मौत, राजस्थान सरकार ने विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड गठित किया

सारांश

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत और पाँच अन्य की हालत गंभीर — राजस्थान सरकार ने तत्काल विशेषज्ञ बोर्ड बनाकर जांच के आदेश दिए हैं। जयपुर से चार विशेषज्ञ डॉक्टर कोटा पहुँचे; लापरवाही साबित होने पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन।

मुख्य बातें

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत हुई, पाँच अन्य निगरानी में हैं।
राजस्थान सरकार ने 6 मई को विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड गठित कर उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए।
सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर से चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कोटा भेजी गई — एनेस्थीसिया, मेडिसिन, गायनेकोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ शामिल।
प्रभावित महिलाओं को कोटा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया है।
लापरवाही सिद्ध होने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का सरकार ने आश्वासन दिया।

कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी कराने वाली छह महिलाओं में से एक की मौत हो गई और शेष पाँच को कड़ी चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। राजस्थान सरकार ने बुधवार, 6 मई को इस मामले में विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड का गठन कर उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीजेरियन प्रसव के बाद कई महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। अधिकारियों के अनुसार, एक महिला की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बाकी पाँच महिलाओं को कोटा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कर विशेषज्ञों की देखरेख में उपचार दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के सरकारी अस्पतालों में प्रसव संबंधी देखभाल की गुणवत्ता पहले से ही सवालों के घेरे में रही है।

सरकार की प्रतिक्रिया

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार ने जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम कोटा रवाना की है। इस टीम में एनेस्थीसिया, मेडिसिन, स्त्री रोग एवं प्रसूति (ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी) और नेफ्रोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह टीम न केवल मरीजों के उपचार में सहयोग करेगी, बल्कि घटना की परिस्थितियों का भी गहन मूल्यांकन करेगी।

प्रभावित महिलाओं की स्थिति

चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौर ने बताया कि सभी प्रभावित महिलाओं को कोटा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहाँ उनकी स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। गौरतलब है कि पाँचों महिलाओं की स्थिति को अभी भी गंभीर माना जा रहा है।

जवाबदेही और आगे की जांच

राजस्थान सरकार ने समयबद्ध और पारदर्शी जांच के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सरकार ने कहा है कि यदि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक सिद्ध होती है, तो दोषियों के विरुद्ध नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। विशेषज्ञ बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह जांच केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी या इससे ठोस जवाबदेही तय होगी। राज्य में पिछले कुछ वर्षों में सरकारी अस्पतालों में मातृ मृत्यु दर के मामले बार-बार सामने आए हैं, फिर भी प्रणालीगत सुधार सीमित रहे हैं। बिना स्वतंत्र और समयबद्ध जांच तंत्र के, ऐसी त्रासदियाँ केवल राजनीतिक बयानबाज़ी का विषय बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में क्या हुआ?
कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद छह महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें से एक की मौत हो गई और पाँच अन्य को कड़ी चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। राजस्थान सरकार ने 6 मई को इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए।
राजस्थान सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर ने तत्काल विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड गठित किया और जांच के आदेश दिए। जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कोटा भेजी गई है।
प्रभावित महिलाओं का इलाज कहाँ हो रहा है?
सभी प्रभावित महिलाओं को कोटा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहाँ विशेषज्ञों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौर ने बताया कि सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जांच टीम में कौन-कौन से विशेषज्ञ शामिल हैं?
जांच एवं उपचार टीम में एनेस्थीसिया, मेडिसिन, स्त्री रोग एवं प्रसूति (ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी) और नेफ्रोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं। ये डॉक्टर सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर से भेजे गए हैं।
यदि लापरवाही सिद्ध हुई तो क्या होगा?
राजस्थान सरकार ने स्पष्ट किया है कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक पाई जाने पर दोषियों के विरुद्ध नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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