वेदांता प्लांट में भीषण हादसा: प्रशासन का त्वरित कदम, मुआवजे की घोषणा
सारांश
Key Takeaways
- वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने से 17 लोगों की मृत्यु हो गई।
- प्रशासन ने त्वरित रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
- मुख्यमंत्री ने घायलों को सर्वोत्तम उपचार का आश्वासन दिया।
- मुआवजे की घोषणा की गई है।
- घायलों को बिना उपस्थिति के वेतन देने पर सहमति बनी।
सक्ती, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई में स्थित वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने के कारण एक गंभीर हादसा हुआ है। इसके बाद से जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इस घटना और घायलों के उपचार के संबंध में कलेक्टर अमृत विकास टोपनो और पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर से लगातार संपर्क में हैं और आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल भी स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहे हैं और कलेक्टर के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर, एसपी और प्रशासन की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज और अपेक्स अस्पताल भेजा गया।
गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया। प्रशासन ने घटनास्थल को बैरिकेड कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
कलेक्टर टोपनो ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार घायलों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके गृहग्राम तक एम्बुलेंस के माध्यम से भेजने और तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
हादसे में घायल या प्रभावित श्रमिकों को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक बिना उपस्थिति के वेतन देने पर भी सहमति बनी है। कलेक्टर ने बताया कि मुआवजा राशि को लेकर देर रात तक चर्चा की गई और सहमति स्थापित की गई है। घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं और जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। रेस्क्यू कार्य में एसडीआरएफ की टीम भी सक्रिय है।
मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि की घोषणा की गई है। इसी प्रकार, प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपए और घायलों के लिए 50 हजार रुपए की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने जानकारी दी कि इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 17 की मृत्यु हो चुकी है और 19 घायल हैं, जिनका उपचार जारी है। कंपनी प्रबंधन ने कहा है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं। दिवंगत श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
हादसे में मृतकों में छत्तीसगढ़ के 5, बिहार के 2, झारखंड के 3, पश्चिम बंगाल के 5 और उत्तर प्रदेश के 2 श्रमिक शामिल हैं। मृतकों में रितेश कुमार (सोनबर्शा, भागलपुर, बिहार), अमृत लाल पटेल (मंझापारा, डभरा, सक्ती, छत्तीसगढ़), थंडा राम लहरे (मालखरौदा, सक्ती, छत्तीसगढ़), तरुण कुमार ओझा (सिंदरी, धनबाद, झारखंड), आकिब खान (दरभंगा, बिहार), सुसांत जना (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल), अब्दुल करीम (झारखंड), उधव सिंह यादव (रायगढ़, छत्तीसगढ़), शेख सैफुद्दीन (हल्दिया, पश्चिम बंगाल), पप्पू कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश), अशोक परहिया (पलामू, झारखंड), मनस गिरी (पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल), बृजेश कुमार (सोनभद्र, उत्तर प्रदेश), रामेश्वर महिलांगे (जांजगीर–चांपा, छत्तीसगढ़), कार्तिक महतो (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल), नदीम अंसारी (सक्ती, छत्तीसगढ़) और शिबनाथ मुर्मू (पुरुलिया, पश्चिम बंगाल) शामिल हैं।