26 जुलाई 2026
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छत्तीसगढ़ में वेदांता पावर प्लांट हादसे की केंद्रीय जांच टीम करेगी जांच

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छत्तीसगढ़ में वेदांता पावर प्लांट हादसे की केंद्रीय जांच टीम करेगी जांच

सारांश

छत्तीसगढ़ के वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे की जांच के लिए केंद्र सरकार की टीम जल्द ही जाएगी। इस दुर्घटना में कई श्रमिकों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल हैं। जानें इस घटना की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

हादसे में 20 मजदूरों की मौत 15 अन्य घायल केंद्र और राज्य सरकार की जांच तकनीकी खराबी के कारण विस्फोट मुख्यमंत्री का शोक संदेश

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की डभरा तहसील में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई एक गंभीर दुर्घटना की जांच के लिए केंद्र सरकार की एक टीम जल्द ही अपनी कार्रवाई शुरू करने वाली है। इस घटना में कई श्रमिकों की मौत हो गई है और अनेक अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस टीम में औद्योगिक सुरक्षा विभाग और बॉयलर निरीक्षक विभाग के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

एक एनडीटीवी रिपोर्ट के अनुसार, यह जांच टीम शनिवार को दिल्ली से सक्ती पहुंचकर इस घटना के कारणों की गहराई में जाएगी। यह कदम राज्य के बॉयलर इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है, जिसके चलते केंद्रीय स्तर पर जांच का निर्णय लिया गया।

वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस हादसे की स्वतंत्र जांच का आदेश दिया है। इसके लिए बिलासपुर संभाग के आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

यह दुर्घटना 14 अप्रैल को प्लांट के बॉयलर यूनिट-1 में हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, स्टीम पाइपलाइन से जुड़े पानी की सप्लाई पाइप के जोड़ में तकनीकी खराबी के कारण विस्फोट हुआ। अब तक इस हादसे में 20 मजदूरों की जान जा चुकी है, जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

राज्य सरकार ने इस घटना की गंभीरता को देखकर जांच में यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि हादसा कब और कैसे हुआ, इसके पीछे के कारण क्या थे, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।

आदेश के अनुसार, जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे अत्यंत दुखद बताया है। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। अधिकारियों को निष्पक्ष और तेज़ी से जांच पूरी करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।

प्रारंभिक तकनीकी रिपोर्ट में मुख्य बॉयलर निरीक्षक ने बताया कि फर्नेस के अंदर अधिक ईंधन जमा होने से दबाव बढ़ गया, जिससे पाइपलाइन को नुकसान हुआ और विस्फोट हुआ। सक्ती की फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) ने भी इस निष्कर्ष की पुष्टि की है और ईंधन के ओवरलोड को इस हादसे का मुख्य कारण बताया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेदांता पावर प्लांट में हादसा कब हुआ?
यह हादसा 14 अप्रैल को वेदांता पावर प्लांट के बॉयलर यूनिट-1 में हुआ।
इस हादसे में कितने लोग घायल हुए?
इस हादसे में 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
केंद्र सरकार की टीम में कौन शामिल है?
केंद्र सरकार की टीम में औद्योगिक सुरक्षा विभाग और बॉयलर निरीक्षक विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
राज्य सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
राज्य सरकार ने भी इस हादसे की स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
राष्ट्र प्रेस
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