वेदांता पावर प्लांट हादसे के बाद प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 30 दिन में रिपोर्ट मांगी गई

Click to start listening
वेदांता पावर प्लांट हादसे के बाद प्रशासन की सख्त कार्रवाई, 30 दिन में रिपोर्ट मांगी गई

सारांश

छत्तीसगढ़ के सक्ती में वेदांता पावर प्लांट में हुए भयंकर हादसे के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश पर जांच का काम शुरू हो गया है। जानें इस हादसे की गंभीरता और प्रशासन की कार्रवाई के बारे में।

Key Takeaways

  • वेदांता पावर प्लांट में गंभीर हादसा हुआ।
  • जिला प्रशासन ने जांच का आदेश दिया।
  • मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
  • घायलों का इलाज जारी है।
  • भविष्य में सुरक्षा मानकों को सुधारने की योजना।

सक्ती, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के डभरा तहसील में स्थित ग्राम सिंघीतराई के वेदांता पावर लिमिटेड में हुए गंभीर बॉयलर हादसे को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने दंडाधिकारी जांच के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर, कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 196 के तहत यह आदेश जारी किया है। जांच का कार्यभार अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएस) डभरा विनय कुमार कश्यप को सौंपा गया है।

ज्ञात हो कि 14 अप्रैल 2026 को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के जॉइंट में तकनीकी खराबी के कारण एक बड़ा हादसा हुआ था। इस दुर्घटना में कुल 34 श्रमिक प्रभावित हुए, जिनमें से 12 की जान चली गई, जबकि अन्य घायल श्रमिकों का इलाज रायगढ़ के फोर्टिस जिंदल अस्पताल, एपेक्स अस्पताल और बालाजी मेट्रो अस्पताल में जारी है।

जारी आदेश के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि यह दुर्घटना कब, कैसे और किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही, घटना के समय मौके पर कार्यरत श्रमिकों की जानकारी और मृतकों एवं घायलों की पहचान का सत्यापन भी किया जाएगा। जांच के दौरान उन कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा, जिनसे यह हादसा हुआ।

इसके अलावा, सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा (जिला जांजगीर-चांपा व सक्ती) द्वारा प्लांट के उत्पादन प्रारंभ होने से लेकर हादसे तक किए गए निरीक्षणों की समीक्षा भी की जाएगी। यह भी जांचा जाएगा कि यदि किसी प्रकार की खामियां पहले पाई गई थीं, तो उन पर क्या कार्रवाई की गई।

जांच अधिकारी को यह निर्देशित किया गया है कि वे यह निर्धारित करें कि यह दुर्घटना तकनीकी कारणों से हुई या किसी मानवीय त्रुटि के कारण, और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों या संस्थाओं की पहचान करें। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझाव भी रिपोर्ट में शामिल किए जाएंगे। प्रशासन ने जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर संपूर्ण जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

Point of View

बल्कि यह औद्योगिक सुरक्षा के मानकों पर भी सवाल उठा रहा है। प्रशासन की सख्त कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

वेदांता पावर प्लांट हादसा कब हुआ?
यह हादसा 14 अप्रैल 2026 को हुआ था।
हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस हादसे में कुल 34 श्रमिक प्रभावित हुए थे।
जांच का कार्यभार किसे सौंपा गया है?
जांच का कार्यभार एसडीएस डभरा विनय कुमार कश्यप को सौंपा गया है।
क्या उपाय किए जा रहे हैं भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए?
जांच के दौरान जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुझाव दिए जाएंगे।
घायलों का इलाज कहां चल रहा है?
घायलों का इलाज रायगढ़ के फोर्टिस जिंदल अस्पताल, एपेक्स अस्पताल और बालाजी मेट्रो अस्पताल में चल रहा है।
Nation Press