25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ओडिशा में रेलवे उपेक्षा के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन, वाल्टेयर डिवीजन की बहाली की मांग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ओडिशा में रेलवे उपेक्षा के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन, वाल्टेयर डिवीजन की बहाली की मांग

सारांश

भुवनेश्वर में विपक्षी दलों ने ईस्ट कोस्ट रेलवे मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह ओडिशा के रेलवे हितों की उपेक्षा कर रही है। उन्होंने वाल्टेयर डिवीजन को बहाल करने की मांग की है।

मुख्य बातें

11 विपक्षी दलों ने ईसीओआर मुख्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
वाल्टेयर डिवीजन की बहाली की मांग की गई।
केंद्र सरकार पर एकतरफा निर्णय लेने का आरोप।
आर्थिक नुकसान का अनुमान 10,000 करोड़ रुपए।
ओडिशा के रेलवे क्षेत्रों को ईसीओआर के तहत लाने की मांग।

भुवनेश्वर, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गुरुवार को 11 विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भुवनेश्वर में ईस्ट कोस्ट रेलवे (ईसीओआर) मुख्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने वाल्टेयर डिवीजन को पुनर्स्थापित करने की मांग की और ओडिशा के रेलवे हितों की कथित उपेक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की।

इस प्रदर्शन में सभी पार्टियों के सीनियर नेताओं ने भाग लिया, जिन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य में रेलवे प्रशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर डालने वाले एकतरफा निर्णय लेने का आरोप लगाया।

विरोध करने वाले नेताओं ने बाद में ईसीओआर के जनरल मैनेजर के माध्यम से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पांच-सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान सभी 11 राजनीतिक दलों के नेताओं ने सभा को संबोधित किया।

विपक्षी दलों ने वाल्टेयर डिवीजन के विभाजन और पलासा-इच्छापुरम सेक्शन को ईसीओआर के खुर्दा रोड डिवीजन से हटा कर साउथ कोस्ट रेलवे में शामिल करने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाना बनाया।

रेल मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है, "वाल्टेयर को दो हिस्सों में बांटने का निर्णय प्रशासनिक तर्क के बजाय राजनीतिक सोच पर आधारित लगता है। यह भारत सरकार और रेल मंत्रालय के रेलवे जोन के ढांचे में एक राज्य-केंद्रित दृष्टिकोण का संकेत देता है, जो एक एकीकृत राष्ट्रीय रेलवे प्रणाली के सिद्धांत से भिन्न है। और यह बात पलासा-इच्छापुरम सेक्शन को ईसीओआर के खुर्दा रोड डिवीजन से हटाकर साउथ कोस्ट रेलवे में हाल के ट्रांसफर से और भी स्पष्ट होती है।"

उन्होंने आरोप लगाया कि इन निर्णयों का ईसीओआर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जो लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला और अधिक राजस्व उत्पन्न करने वाला जोन रहा है; इससे रोजगार के अवसर, कार्य करने की क्षमता और समग्र प्रशासनिक क्षमता पर असर पड़ेगा।

उन्होंने आगे कहा कि इन सभी निर्णयों का कुल मिलाकर बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है, जिससे वार्षिक लगभग 10,000 करोड़ रुपए का राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।

विपक्षी दलों ने यह भी मांग की कि ओडिशा के जो रेलवे क्षेत्र अभी दूसरे जोन के तहत आते हैं, उन्हें ईसीओआर के तहत लाया जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ विपक्ष ने रेलवे प्रशासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ऐसे समय में जब राज्य के विकास की जरूरत है, यह आंदोलन केंद्र सरकार के नीति निर्धारण में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाल्टेयर डिवीजन की बहाली क्यों महत्वपूर्ण है?
वाल्टेयर डिवीजन की बहाली ओडिशा के रेलवे विकास और स्थानीय रोजगार के अवसरों के लिए महत्वपूर्ण है।
इस प्रदर्शन में कितने दल शामिल थे?
इस प्रदर्शन में कुल 11 विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए थे।
क्या केंद्र सरकार ने विरोध का जवाब दिया?
वर्तमान में केंद्र सरकार ने इस विरोध के संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
ओडिशा के रेलवे हितों की उपेक्षा का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि केंद्र सरकार ओडिशा में रेलवे सेवाओं और विकास पर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे राज्य को नुकसान हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले