ओडिशा में 90,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं का तेजी से विकास: अश्विनी वैष्णव
सारांश
मुख्य बातें
भुवनेश्वर, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को ओडिशा में रेलवे बुनियादी ढांचे में हो रहे तेजी से बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य में कनेक्टिविटी और क्षमता को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
भुवनेश्वर में भारत की पहली एडवांस्ड 3डी ग्लास सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट के शिलान्यास समारोह में बोलते हुए, अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि ओडिशा में 90,000 करोड़ रुपए से अधिक की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं, जो इस क्षेत्र में रेलवे नेटवर्क के अभूतपूर्व विस्तार को दर्शाती हैं।
उन्होंने इस निवेश को केंद्र सरकार की ओडिशा में यात्रियों और माल ढुलाई दोनों के लिए रेलवे सुविधाओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता के रूप में वर्णित किया।
अपने ओडिशा दौरे के दौरान, उन्होंने भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया और गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूरा करने पर जोर दिया।
यात्रियों से बातचीत करते हुए, उन्होंने स्टेशन पर हो रहे बदलावों की सराहना की और विकसित की जा रही एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं की प्रशंसा की।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्य में तेजी लाएं और समय पर पूरा करने पर ध्यान दें।
पूर्वी क्षेत्र में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर की समीक्षा करते हुए, उन्होंने सभी लंबित मुद्दों को प्राथमिकता से हल करने की बात कही ताकि इसका कार्य शीघ्र पूरा हो सके।
उन्होंने कहा कि यह आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेशन यात्रियों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करेगा और भारतीय रेलवे के विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लक्ष्य को दर्शाएगा।
अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में बताया कि ओडिशा को इस बार रिकॉर्ड 10,928 करोड़ रुपए का रेलवे बजट मिला है, जिससे परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 59 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, ताकि उन्हें आधुनिक और यात्रियों के अनुकूल बनाया जा सके।
कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि ओडिशा के सभी 30 जिलों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर कार्य चल रहा है, जिससे दूर-दराज के इलाकों का विकास संभव होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बालासोर से बरहामपुर तक चार-लाइन तटीय रेलवे कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिससे यातायात क्षमता बढ़ेगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
अंत में, उन्होंने कहा कि ये सभी रेलवे परियोजनाएं ओडिशा को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से और मजबूती से जोड़ेंगी तथा आर्थिक विकास को आगे बढ़ाएंगी।