31 जुलाई 2026
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ओडिशा में सेमीकंडक्टर तकनीक का नया आयाम: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का बयान

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ओडिशा में सेमीकंडक्टर तकनीक का नया आयाम: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का बयान

सारांश

ओडिशा में दुनिया की पहली एडवांस्ड 3डी ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग यूनिट का शिलान्यास हुआ। यह परियोजना न केवल राज्य बल्कि भारत के तकनीकी विकास में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मुख्य बातें

ओडिशा में भारत की पहली एडवांस्ड 3डी ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग यूनिट स्थापित होगी।
इस परियोजना में लगभग 2,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है।
प्रत्येक वर्ष 70,000 ग्लास पैनल और 50 मिलियन असेंबल्ड यूनिट का उत्पादन होगा।
इससे 2,500 रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
यह परियोजना भारत की तकनीकी प्रगति में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भुवनेश्वर, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भुवनेश्वर के इन्फोवैली में 3डी ग्लास सॉल्यूशंस द्वारा भारत की पहली एडवांस्ड 3डी ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग यूनिट के शिलान्यास समारोह में भाग लिया।

सीएम माझी ने इस अवसर पर कहा कि ओडिशा, अपनी संसाधनों, प्रतिभा, बुनियादी ढांचे और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण, वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक उत्तम स्थान बन गया है। इस समारोह में ओडिशा के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग भी उपस्थित थे।

करीब 2,000 करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस परियोजना में हर वर्ष 70,000 ग्लास पैनल, 5 करोड़ (50 मिलियन) असेंबल्ड यूनिट और 13,200 एडवांस्ड 3डीएचआई मॉड्यूल का उत्पादन किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से राज्य में लगभग 2,500 रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन केवल ओडिशा के लिए नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी प्रगति की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना देश की पहली एडवांस्ड 3डी ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग यूनिट होगी। यहां तैयार होने वाले उत्पाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा, "ओडिशा अब वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक शानदार स्थान बन चुका है। हमारे पास सभी आवश्यक संसाधन, प्रतिभा, बुनियादी ढांचा और दृढ़ इरादा है। यदि आप भविष्य की तकनीक बनाने की सोच रहे हैं, तो ओडिशा आपके लिए सही स्थान है।"

मुख्यमंत्री ने ओडिशा को निवेश के लिए पसंदीदा राज्य बनने के पीछे पाँच मुख्य कारणों का उल्लेख किया: प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, कुशल युवा शक्ति, बेहतर कनेक्टिविटी और जिम्मेदार प्रशासन।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि यह ओडिशा के छात्रों और इंजीनियरों के लिए एक सुवर्ण अवसर है। उन्हें इस उभरते क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए जरूरी कौशल सीखना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हो चुका है। आरआईआर पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और सिक्ससेम जैसी कंपनियां पहले से ही यहां अपनी यूनिट स्थापित कर चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को पूरा करने में ओडिशा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और पूर्वी भारत के लिए एक लॉन्चपैड बनेगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ओडिशा को औद्योगिक रूप से मजबूत करने और भविष्य में आईटी हब के रूप में विकसित करने के प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब ओडिशा में दुनिया की सबसे उन्नत सेमीकंडक्टर तकनीक आ चुकी है। आज का शिलान्यास राज्य में व्यापक विकास लाएगा। 3डी ग्लास सॉल्यूशंस की यह यूनिट देश में अपनी तरह का पहला उत्पाद बनाएगी और यह तकनीक भविष्य में सेमीकंडक्टर उद्योग की दिशा तय करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3डी ग्लास सब्सट्रेट पैकेजिंग यूनिट का क्या महत्व है?
यह यूनिट भारत में अपनी तरह की पहली है और सेमीकंडक्टर उद्योग में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का निर्माण करेगी।
इस परियोजना से कितने रोजगार सृजित होंगे?
इस परियोजना से लगभग 2,500 रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है।
ओडिशा में सेमीकंडक्टर उद्योग का भविष्य क्या है?
ओडिशा वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।
क्या इस परियोजना में विदेशी निवेश शामिल है?
हाँ, इस परियोजना में विभिन्न कंपनियों का निवेश शामिल है, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
इस तकनीक का प्रयोग किन क्षेत्रों में होगा?
यह तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रयोग की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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