क्या केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नोएडा में टेम्पर्ड ग्लास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन किया?

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क्या केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नोएडा में टेम्पर्ड ग्लास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन किया?

सारांश

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नोएडा में टेम्पर्ड ग्लास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन किया है। इस यूनिट से भारत में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण में नई गति आएगी और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। जानें इस उद्घाटन की खास बातें।

Key Takeaways

  • टेम्पर्ड ग्लास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन
  • मेक इन इंडिया के तहत आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
  • भारत में हर साल 2.5 करोड़ टेम्पर्ड ग्लास का उत्पादन
  • रोजगार के नए अवसरों का सृजन
  • अर्थव्यवस्था में मजबूती का संकेत

नोएडा, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' मुहिम को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय रेल, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नोएडा सेक्टर-68 में टेम्पर्ड ग्लास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन किया।

इस यूनिट के आरंभ होने से भारत में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण को नई गति मिलने की उम्मीद की जा रही है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बीते 11 वर्षों में भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री ने अभूतपूर्व विकास किया है।

उन्होंने कहा, "2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने मेक इन इंडिया की शुरुआत की थी, तब इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट बेहद सीमित था, लेकिन आज की स्थिति में प्रोडक्शन 6 गुना और एक्सपोर्ट 8 गुना तक बढ़ चुका है।"

अब तक भारत को टेम्पर्ड ग्लास का आयात करना पड़ता था, लेकिन इस नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के जरिए देश में ही बड़े पैमाने पर इसका उत्पादन संभव होगा। अनुमान है कि इस यूनिट में हर साल ढाई करोड़ टेम्पर्ड ग्लास का निर्माण होगा, जिसका उपयोग लैपटॉप, राउटर, स्मार्टफोन, हार्डवेयर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में बड़े स्तर पर किया जाएगा।

अश्विनी वैष्णव ने यह भी बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र में भारत अब पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। भारत में विकसित हुआ इलेक्ट्रॉनिक इकोसिस्टम न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारतीय उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।

इस मौके पर उन्होंने यह भी जोर दिया कि इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग उद्योग ने अब तक देश में लगभग 25 लाख लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। यह रोजगार सीधे तौर पर भी है और अप्रत्यक्ष रूप से भी लाखों लोग इस उद्योग से जुड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की यूनिट्स भारत को आयात पर निर्भरता से मुक्त करेंगी और साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूती प्रदान करेंगी। नोएडा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में इन मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों का शुभारंभ न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के औद्योगिक विकास को गति देगा।

Point of View

बल्कि देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। यह सभी क्षेत्रों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

टेम्पर्ड ग्लास मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन कब हुआ?
यह उद्घाटन 30 अगस्त को हुआ।
कौन से केंद्रीय मंत्री ने इस यूनिट का उद्घाटन किया?
केंद्रीय रेल, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका उद्घाटन किया।
इस यूनिट से भारत को क्या लाभ होगा?
इस यूनिट से भारत में टेम्पर्ड ग्लास का बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव होगा, जिससे आयात पर निर्भरता कम होगी।
इस यूनिट में प्रति वर्ष कितने टेम्पर्ड ग्लास का उत्पादन होगा?
इस यूनिट में हर साल लगभग ढाई करोड़ टेम्पर्ड ग्लास का उत्पादन होगा।
क्या इस यूनिट से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे?
जी हां, इस यूनिट के माध्यम से देश में लगभग 25 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।