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क्या दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहृत 4 साल का नाबालिग सुरक्षित मिला?

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क्या दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहृत 4 साल का नाबालिग सुरक्षित मिला?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने लखनऊ से एक 4 साल के बच्चे को मात्र 8 घंटे में बरामद कर लिया। आरोपी सुधाकर सिंह को गिरफ्तार किया गया। जानिए कैसे हुआ यह साहसिक अभियान!

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बच्चे की जान बचाई।
आरोपी ने पहले से धमकी दी थी, जो स्थिति को गंभीर बनाती है।
तकनीकी निगरानी और मैनुअल इंटेलिजेंस का संयोजन सफल रहा।
कानून व्यवस्था की सक्रियता ने समाज में सुरक्षा का संदेश दिया।
सोशल मीडिया पर जांच जारी है।

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस के अमर कॉलोनी थाना ने एक अद्भुत ऑपरेशन के तहत केवल 8 घंटे में लखनऊ से एक 4 साल के नाबालिग बच्चे को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया। आरोपी सुधाकर सिंह को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह बच्चे को अपने पैतृक गांव ले जाने की कोशिश कर रहा था।

यह घटना 12 अक्टूबर को लगभग 1 बजे दोपहर में शुरू हुई, जब शिकायतकर्ता पवन गुप्ता ने अपने घर के आस-पास आरोपी सुधाकर सिंह को देखा। आरोपी वहां से भागने में सफल रहा, लेकिन 4:30 बजे पवन को उनकी पत्नी कंचन गुप्ता का फोन आया, जिसमें उन्होंने बताया कि सुधाकर ने उनके बेटे का अपहरण कर लिया है। बच्चा उस समय घर के बाहर खेल रहा था।

जांच में यह पता चला कि कंचन पिछले एक साल से इंस्टाग्राम के माध्यम से सुधाकर के संपर्क में थीं। आरोपी ने पहले भी दंपति को धमकी दी थी कि यदि कंचन उसके साथ रहने से इंकार करेंगी, तो वह उनके बेटे का अपहरण कर लेगा। इस खुलासे ने मामले को और गंभीर बना दिया।

तुरंत अमर कॉलोनी थाने में धारा 317(2)/140 बीएनएस के तहत एफआईआर संख्या 557/25 दर्ज की गई। अपराध की गंभीरता को देखते हुए, इंस्पेक्टर रिजवान खान (एसएचओ/अमर कॉलोनी) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में एसआई रोशन लाल (आई/सी पीपी एसएन पुरी), एचसी सुनील कुमार, एचसी राजेश और एचसी रणवीर शामिल थे।

एसीपी/कालकाजी राकेश शर्मा की कड़ी निगरानी में टीम ने तकनीकी निगरानी (सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग) और मैनुअल इंटेलिजेंस का सहारा लिया। आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखते हुए, टीम ने उसके रूट का पता लगाया। लगातार प्रयासों से, 13 अक्टूबर की सुबह सुहेलदेव एक्सप्रेस ट्रेन के अंदर लखनऊ रेलवे स्टेशन पर आरोपी को धर दबोचा गया। बच्चा सुरक्षित बरामद कर लिया गया और उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया।

पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह बच्चे का इस्तेमाल कर कंचन पर शादी का दबाव बनाने के लिए अपने पैतृक गांव जा रहा था। सुधाकर सिंह (24 वर्ष), पुत्र वीरेंद्र सिंह, निवासी दिलीगिरधर, मिल्कीपुर, थाना इनायत नगर, जिला अयोध्या, उत्तर प्रदेश, फूल बेचने का काम करता है।

उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त कर लिए हैं। मामले की जांच और सोशल मीडिया पर उसके अन्य संपर्कों की पड़ताल की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कानून व्यवस्था सक्रियता से काम करती है। हमें हमेशा बच्चों की सुरक्षा के लिए सजग रहना चाहिए।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने बच्चे को कब बरामद किया?
दिल्ली पुलिस ने बच्चे को 13 अक्टूबर को लखनऊ से बरामद किया।
आरोपी सुधाकर सिंह कौन है?
सुधाकर सिंह (24 वर्ष) अयोध्या का निवासी है और फूल बेचने का काम करता है।
क्या बच्चे की माँ के साथ आरोपी का कोई संबंध था?
हाँ, आरोपी ने पहले से बच्चे की माँ कंचन को धमकी दी थी कि वह उनके बेटे का अपहरण कर लेगा।
राष्ट्र प्रेस
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