26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या दिल्ली में 7 साल के बच्चे का अपहरण पूर्व लिव-इन पार्टनर ने किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दिल्ली में 7 साल के बच्चे का अपहरण पूर्व लिव-इन पार्टनर ने किया?

सारांश

दिल्ली पुलिस ने 7 साल के बच्चे के अपहरण के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अपहरण का मामला 27 सितंबर का है, जब बच्चे की मां ने विकासपुरी थाने में शिकायत दी थी। इस मामले में पूर्व लिव-इन पार्टनर का नाम सामने आया है, जिसने बच्चे को अपहरण कर लिया। जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
बच्चे का अपहरण 27 सितंबर को हुआ।
अजय वर्मा का पूर्व लिव-इन पार्टनर होने का पता चला।
पुलिस ने उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया।
सुरक्षित तरीके से बच्चे को बचा लिया गया।

नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस ने 7 साल के बच्चे के अपहरण के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह अपहरण 27 सितंबर को हुआ था। बच्चे की मां ने विकासपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसका बेटा स्कूल से घर नहीं लौटा और उसे शक था कि उसके पूर्व लिव-इन पार्टनर अजय वर्मा ने बच्चे का अपहरण किया है।

शिकायत मिलते ही विकासपुरी थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। इंस्पेक्टर राजवीर सिंह, एसएचओ विकासपुरी, और एसीपी तिलक नगर डॉ. गरिमा तिवारी के निर्देशन में इंस्पेक्टर दीपक दहिया की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में एसआई संदीप यादव, एएसआई हरि लाल, एचसी राजकुमार, एचसी दिनेश, एचसी संदीप, एचसी मनोज कुमार, कांस्टेबल करमवीर, कांस्टेबल सविन और डब्ल्यू/सीटी सोनिका शामिल थे।

पुलिस ने स्कूल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें दिखा कि अजय वर्मा और उसके एक साथी ने बच्चे का अपहरण मोटरसाइकिल पर किया। अजय ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्नत तकनीक और सोशल मीडिया ट्रैकिंग की मदद से उसका पता लगाया। जांच में यह भी पता चला कि अजय ने अपने दोस्त से इंस्टाग्राम के जरिए पिस्तौल की व्यवस्था की थी।

पुलिस की एक टीम ने तीन दिन तक हरियाणा के हांसी जिले में डेरा डाले रखा। अंततः अजय वर्मा को हांसी के एक खेत से उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। इसी दौरान, दिल्ली में अजय नाम के दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया, जिसके घर से एक देसी पिस्तौल बरामद हुई। उस पर आर्म्स एक्ट के तहत अलग मामला दर्ज किया गया।

जांच से यह सामने आया कि मुख्य आरोपी अजय वर्मा (24) पहले महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था। वह महिला पर अत्यधिक नियंत्रण रखता था और उसे मारपीट करता था। परेशान होकर महिला उसे छोड़कर दिल्ली के केशवपुर गांव में अपने मायके आ गई थी। आरोप है कि अजय ने उसे वापस हांसी ले जाने के लिए दबाव डाला। जब उसने मना किया, तो अजय ने बच्चे का अपहरण कर उसे धमकी दी कि यदि वह वापस नहीं आई, तो बच्चे को नुकसान पहुंचाएगा।

गिरफ्तार आरोपियों में हांसी निवासी अजय वर्मा, हिसार निवासी अमित (18), सचिन (20) और दिल्ली निवासी अजय शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके। राष्ट्रीय दृष्टिकोण से यह जरूरी है कि हम समाज में ऐसे मानसिकता को बदलें।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बच्चे का अपहरण कब हुआ?
बच्चे का अपहरण 27 सितंबर को हुआ।
किसने बच्चे का अपहरण किया?
पूर्व लिव-इन पार्टनर अजय वर्मा ने बच्चे का अपहरण किया।
पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
दिल्ली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बच्चे को कब बचाया?
बच्चे को पुलिस ने गिरफ्तारियों के बाद सुरक्षित बचाया।
क्या आरोपियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया?
हां, आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले