ओडिशा सरकार ने Intel और 3DGS के साथ सेमीकंडक्टर सबस्ट्रेट मैन्युफैक्चरिंग MOU किया, वैष्णव ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा सरकार ने 29 मई 2025 को भारत में सेमीकंडक्टर सबस्ट्रेट निर्माण तकनीक स्थापित करने के उद्देश्य से इंटेल (Intel) और 3डी ग्लास सॉल्यूशंस (3DGS) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस समझौते की जानकारी देते हुए तीनों पक्षों को बधाई दी।
समझौते का विवरण
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "भारत में सबस्ट्रेट निर्माण तकनीक लाने के लिए ओडिशा सरकार, इंटेल और 3डीजीएस द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने पर बधाई। इससे भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को और बढ़ावा मिलेगा।" यह MOU भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और ठोस कदम माना जा रहा है।
ओडिशा में सेमीकंडक्टर क्षेत्र का विस्तार
गौरतलब है कि ओडिशा में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम हाल के महीनों में तेज़ी से विकसित हो रहा है। अप्रैल 2025 में भुवनेश्वर के इंफो वैली में देश की पहली उन्नत 3डी चिप पैकेजिंग इकाई की आधारशिला रखी गई थी, जो 3DGS की हेटरोजेनियस इंटीग्रेशन पैकेजिंग सॉल्यूशंस परियोजना के तहत स्थापित की जा रही है।
सरकार के अनुसार, इस परियोजना में लगभग ₹2,000 करोड़ का निवेश होगा और इससे प्रतिवर्ष लगभग 70,000 ग्लास पैनलों का उत्पादन, 5 करोड़ असेंबल्ड यूनिट्स और लगभग 13,000 उन्नत 3डी हेटरोजेनियस इंटीग्रेशन (3DHI) मॉड्यूल्स का निर्माण होने की उम्मीद है।
नेताओं की प्रतिक्रिया
आधारशिला रखने के अवसर पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र तेज़ी से विकास कर रहा है और ओडिशा देश की सेमीकंडक्टर संबंधी महत्वाकांक्षाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने भी कहा था कि ओडिशा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ भारत की पहली कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट और पहली 3डी ग्लास सबस्ट्रेट पैकेजिंग सुविधा एक साथ स्थापित की जा रही है।
सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम की प्रगति
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्र सरकार सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को नीतिगत समर्थन और प्रोत्साहन के ज़रिए मज़बूत करने में जुटी है। इस सप्ताह सरकार ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत अब तक 12 फैब या पैकेजिंग परियोजनाओं और 24 सेमीकंडक्टर डिज़ाइन परियोजनाओं को मंज़ूरी दी जा चुकी है। इसके साथ ही निवेशकों का विश्वास बढ़ाने और उद्योग की चिंताओं को दूर करने के लिए एक ऑनलाइन निवेशक सहायता पोर्टल भी लॉन्च किया गया है।
आगे की राह
नए MOU के साथ ओडिशा अब Intel जैसी वैश्विक दिग्गज कंपनी की तकनीकी साझेदारी में सबस्ट्रेट निर्माण क्षमता हासिल करने की ओर अग्रसर है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ये परियोजनाएँ समयसीमा में पूरी होती हैं, तो भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभर सकता है।