ओडिशा में 40,811 करोड़ रुपए की औद्योगिक परियोजनाओं का शुभारंभ, 59,000 नौकरियों का वादा
सारांश
Key Takeaways
- 36 औद्योगिक परियोजनाएं का उद्घाटन
- 40,811 करोड़ रुपए का निवेश
- 59,000 नई नौकरियां उत्पन्न होंगी
- ग्रीन एनर्जी और अन्य क्षेत्रों पर ध्यान
- समृद्ध ओडिशा का एक नया अध्याय
भुवनेश्वर, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को खुर्दा के बेगुनिया के पास भुइनपुर में 40,811 करोड़ रुपए के निवेश वाली 36 औद्योगिक परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी। इनमें से 25 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, जबकि 11 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।
इस अवसर पर आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा अब केवल संभावनाओं का राज्य नहीं रह गया है, बल्कि यह समृद्धि का अनुभव भी कर रहा है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से 59,000 से अधिक नौकरियां उत्पन्न होने की उम्मीद है।
इन औद्योगिक परियोजनाओं में ग्रीन एनर्जी उपकरण, धातु और डाउनस्ट्रीम उद्योग, कपड़ा एवं परिधान, प्लास्टिक, पर्यटन, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, रक्षा उत्पादन, सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोबाइल और सीमेंट उद्योग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन्हें राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित किया जाएगा, जिससे राज्य की आर्थिक विकास गति को और तेज किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'समृद्ध ओडिशा' की सुनहरी यात्रा का एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य में चल रही दूसरी औद्योगिक क्रांति का असली प्रतिबिंब है। ओडिशा अब प्रतिबद्धता के साथ क्रियान्वयन की ओर बढ़ रहा है और सरकार अपने किए गए वादों को पूरा कर रही है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अगले दो से तीन वर्षों में, ओडिशा केवल संभावनाओं वाला राज्य नहीं रहेगा, बल्कि समृद्धि का अनुभव भी करेगा। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में राज्य वैश्विक मंच पर एक पूरी तरह से विकसित और समृद्ध राज्य के रूप में उभरेगा।
उन्होंने कहा कि 59,000 नौकरियां पैदा करना कोई मामूली उपलब्धि नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 18-20 महीनों में, लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपए के 109 प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी है और उनका उद्घाटन किया है, जिससे लगभग 1.76 लाख रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम से 40,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है और 59,000 नौकरियां उत्पन्न हुई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जो उत्पाद पहले विदेशों से आयात किए जाते थे, अब वे खुर्दा की धरती पर ही बनाए जाएंगे।
उन्होंने इस उपलब्धि को गर्व और सम्मान का विषय बताया। ओडिशा में बने उत्पाद वैश्विक बाजारों तक पहुंचेंगे, जिससे राज्य का औद्योगिक इकोसिस्टम आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत होगा।