बीजद सांसद ने ओडिशा मेट्रो परियोजना के लिए केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
सारांश
Key Takeaways
- ओडिशा मेट्रो परियोजना की महत्ता को समझना आवश्यक है।
- सांसद सस्मित पात्रा ने केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप की अपील की।
- राज्य सरकार के निर्णय पर परियोजना का भविष्य निर्भर करेगा।
- यह परियोजना पूर्व सरकार द्वारा वित्तपोषित थी।
- केंद्र और राज्य की साझेदारी से परियोजनाएं जारी रह सकती हैं।
भुवनेश्वर, ७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख नेता और राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने सोमवार को केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को पत्र भेजकर उनसे तत्काल हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने अनुरोध किया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में प्रारंभ की गई प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना को राज्य सरकार द्वारा समाप्त न किया जाए।
अपने पत्र में सस्मित पात्रा ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व में स्थापित यह मेट्रो परियोजना भुवनेश्वर-कटक-खुर्दा-पुरी कॉरिडोर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था है।
उन्होंने लिखा, "मैं आपसे निवेदन करता हूं कि ओडिशा की प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना को राज्य सरकार द्वारा रद्द न किया जाए। यह परियोजना भुवनेश्वर-कटक-खुर्दा-पुरी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन आधार है।"
पात्रा ने आरोप लगाया कि यदि इस मेट्रो परियोजना को रद्द किया जाता है तो इससे एक अच्छी तरह से विकसित बुनियादी ढांचा योजना को भारी नुकसान होगा और ओडिशा के निवासियों को बेहतर परिवहन एवं आर्थिक अवसरों से वंचित होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सरकारें बदलती हैं, लेकिन विकास परियोजनाएं निरंतर चलनी चाहिए क्योंकि यह जनता के हित में है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व सरकार द्वारा स्थापित की गई यह मेट्रो परियोजना पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित थी।
पात्रा ने संकेत दिया कि यदि ओडिशा सरकार इस परियोजना को समाप्त करने का निर्णय लेती है, तो केंद्र सरकार इसे पुनः आरंभ कर सकती है, क्योंकि मेट्रो परियोजनाएं राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति और मेट्रो रेल नीति २०१७ के अधीन आती हैं।
उन्होंने बताया कि इन नीतियों में केंद्र और राज्य के बीच ५०:५० लागत साझेदारी और केंद्र से वित्तीय सहायता जैसे प्रावधान हैं, जिससे आर्थिक समस्याओं के कारण परियोजनाएं बंद न हों।
महत्वपूर्ण यह है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने शनिवार को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ हुए समझौते को समाप्त करने का निर्णय लिया, जिससे भुवनेश्वर मेट्रो परियोजना रद्द हो गई।
साथ ही, भुवनेश्वर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को राज्य में शहरी परिवहन योजनाओं के लिए एक नोडल एजेंसी बनाने का निर्णय भी लिया गया।