क्या कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे छात्र का शव रेलवे ट्रैक पर मिला?
सारांश
Key Takeaways
- कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे छात्र का शव मिला
- पुलिस मामले की जांच कर रही है
- छात्र का नाम सरताज सिंह था
- परिवार का इकलौता बेटा था
- कोचिंग में दो साल से पढ़ाई कर रहा था
जयपुर, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के कोटा में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी कर रहे एक कोचिंग छात्र का शव मिलने से क्षेत्र में सensation फैल गया। छात्र का शव उद्योग नगर पुलिस थाना क्षेत्र में दिल्ली–मुंबई रेलवे लाइन पर पाया गया।
शव की पहचान 18 वर्षीय सरताज सिंह के रूप में हुई है। सरताज सिरसा (हरियाणा) के हिमायूं खेड़ा गाँव का निवासी था और पिछले दो वर्षों से कोटा में रहकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
यह घटना रविवार रात करीब 8:30 बजे की मानी जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एमबीएस अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में भेजा गया। उद्योग नगर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरताज राजीव गांधी नगर स्थित एक हॉस्टल में निवास करता था और वह कक्षा 12 का छात्र था, जिसकी बोर्ड परीक्षाएं अप्रैल में होने वाली थीं। उसका दो वर्षीय जेईई कोचिंग कोर्स हाल ही में पूरा हुआ था।
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि सरताज को 25 जनवरी की रात हरियाणा स्थित अपने घर लौटना था, जिसके लिए उसकी ट्रेन भी उसी रात निर्धारित थी। परिवार के सदस्यों के अनुसार, सरताज ने अंतिम बार बातचीत के दौरान यह बताया था कि उसकी ट्रेन लगभग तीन घंटे लेट हो चुकी है और वह स्थिति की जानकारी लेने के लिए रेलवे स्टेशन जा रहा है। हालांकि, बाद में परिजनों ने कहा कि ट्रेन में किसी प्रकार की देरी नहीं हुई थी और संभवतः सरताज ने हॉस्टल छोड़ने के लिए यह बात कही थी।
घटना की सूचना मिलने के बाद सोमवार को सरताज का परिवार कोटा पहुंचा। परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। सरताज परिवार का इकलौता बेटा था, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और छात्र की मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।