जोधपुर सरकारी अस्पताल में सिजेरियन के बाद 8 महिलाएं बीमार, ऑपरेशन थिएटर सील
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के जोधपुर स्थित पावटा सरकारी अस्पताल में शनिवार, 21 जून को किए गए सिजेरियन (सी-सेक्शन) ऑपरेशन के बाद आठ प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें से दो की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तत्काल मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने जाँच पूरी होने तक ऑपरेशन थिएटर बंद कर दिया है और चिकित्सकों, माइक्रोबायोलॉजिस्ट तथा विशेषज्ञों की टीम ने सभी मरीज़ों के नमूने प्रयोगशालाओं में भेज दिए हैं।
क्या हुआ ऑपरेशन के बाद
पावटा अस्पताल के पीएमओ डॉ. कुलवीर सिंह चोपड़ा ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार को कुल आठ सी-सेक्शन ऑपरेशन किए गए थे। इनमें से दो महिलाओं में गंभीर संक्रमण की समस्या उभरी, जिन्हें एमडीएम अस्पताल रेफर किया गया। शेष छह प्रसूताएं पावटा अस्पताल में ही भर्ती हैं और उनकी स्थिति बेहतर बताई जा रही है।
गंभीर मरीज़ों की स्थिति
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. फतेह सिंह के अनुसार, आईसीयू में भर्ती दो महिलाओं में से एक को उच्च रक्तचाप और दूसरी को ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या हुई थी। फिलहाल दोनों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है।
जाँच का दायरा
डॉ. फतेह सिंह ने बताया कि औषधि निरीक्षकों ने ऑपरेशन में उपयोग की गई दवाइयों और अन्य सामग्री के नमूने लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान मौसम में बैक्टीरिया वृद्धि की संभावना को भी जाँच के दायरे में रखा गया है, हालाँकि किसी निष्कर्ष पर पहुँचना अभी जल्दबाज़ी होगी। जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
अस्पताल प्रशासन की सफाई
डॉ. कुलवीर सिंह चोपड़ा ने कहा कि अस्पताल द्वारा सभी निर्धारित गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह जाँच का विषय है कि ऐसा कैसे हो गया और ब्लड सैंपल लेकर प्रयोगशाला को भेजे गए हैं। डॉ. फतेह सिंह ने भी स्पष्ट किया कि चिकित्सक और अस्पताल प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं चाहते।
आगे क्या होगा
प्रयोगशाला रिपोर्टें आने के बाद जाँच टीम अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर ऑपरेशन थिएटर को पुनः शुरू करने या आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल और ऑपरेशन थिएटर की स्वच्छता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।