10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जोधपुर पावटा अस्पताल में सिजेरियन के बाद 8 प्रसूताएं बीमार, 2 ICU में; गहलोत-पायलट ने BJP सरकार को घेरा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जोधपुर पावटा अस्पताल में सिजेरियन के बाद 8 प्रसूताएं बीमार, 2 ICU में; गहलोत-पायलट ने BJP सरकार को घेरा

सारांश

जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन के बाद 8 प्रसूताएं गंभीर रूप से बीमार, 2 ICU में — और यह कोटा व बीकानेर के बाद तीसरी ऐसी घटना है। कांग्रेस ने BJP सरकार पर सच्चाई छुपाने और व्यवस्था ढहने देने का आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

जोधपुर के पावटा राजकीय जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ी।
2 महिलाओं को एमडीएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया; सेप्टीसीमिया और किडनी फेल होने की जटिलताएं सामने आईं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रशासन सच्चाई छुपाने में लगा रहा।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने उच्च स्तरीय जाँच, जवाबदेही और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता की माँग की।
सांसद राहुल कास्वां के अनुसार कोटा में 5 और बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में 2 प्रसूताओं की पहले भी मृत्यु हो चुकी है।

राजस्थान के जोधपुर स्थित पावटा राजकीय जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई है, जिनमें से 2 महिलाओं को एमडीएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। 22 जून को सामने आई इस घटना ने राजस्थान की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार पर लापरवाही छुपाने का आरोप लगाया है।

मुख्य घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार, पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद प्रसूताओं में सेप्टीसीमिया (रक्त विषाक्तता) और किडनी फेल होने जैसी गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हुईं। दो महिलाओं की हालत इतनी नाज़ुक है कि उन्हें उच्च-स्तरीय चिकित्सा सुविधा के लिए एमडीएम अस्पताल के आईसीयू में स्थानांतरित करना पड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब शहर में सरकारी आयोजन और वीआईपी दौरे चल रहे थे।

गहलोत और पायलट ने उठाए सवाल

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और दो माताओं की हालत गंभीर होने का समाचार बेहद चिंताजनक है।' उन्होंने आरोप लगाया कि 'प्रशासन सच्चाई छुपाने में जुटा रहा' जबकि महिलाओं की जान खतरे में थी।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी एक्स पर लिखा कि 'प्रदेश में लगातार बदहाल होती स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने में भाजपा सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।' पायलट ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले कोटा और बीकानेर में भी इसी तरह की घटनाओं में कुछ प्रसूताओं की मृत्यु हो चुकी है, फिर भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

सांसद कास्वां का हमला

कांग्रेस सांसद राहुल कास्वां ने एक्स पर मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा, 'कोटा में सिजेरियन के बाद 5, बीकानेर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम में 2 प्रसूताओं की दुखद मृत्यु के बाद अब जोधपुर के पावटा अस्पताल में भी प्रसूताओं का स्वास्थ्य बिगड़ना दिखाता है कि प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्थाएं बिल्कुल ढह गई हैं।' उन्होंने 'सुशासन और विकसित राजस्थान' के सरकारी दावों को खोखला करार दिया।

विपक्ष की माँगें

सचिन पायलट ने माँग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच हो, जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए, पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता दी जाए और प्रभावित महिलाओं को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। गौरतलब है कि यह राजस्थान में सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बाद होने वाली जटिलताओं की तीसरी बड़ी घटना बताई जा रही है।

आगे क्या होगा

अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आईसीयू में भर्ती 2 महिलाओं की स्थिति की निगरानी जारी है। राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ राज्य सरकार पर जाँच के आदेश देने और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के ठोस कदम उठाने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी प्रणालीगत सुधार की कोई ठोस रूपरेखा सामने नहीं आई। सेप्टीसीमिया और किडनी फेल्योर जैसी जटिलताएं आमतौर पर संक्रमण नियंत्रण की विफलता का संकेत होती हैं — यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि संस्थागत चूक है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से परे, असली सवाल यह है कि राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर की स्वच्छता और प्रसवोत्तर देखभाल के मानक कौन तय करता है और उनका अनुपालन कौन सुनिश्चित करता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जोधपुर पावटा अस्पताल में क्या हुआ?
पावटा राजकीय जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई, जिनमें सेप्टीसीमिया और किडनी फेल्योर जैसी जटिलताएं सामने आईं। 2 महिलाओं को एमडीएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
अशोक गहलोत ने इस मामले में क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रसूताओं में सेप्टीसीमिया और किडनी फेल्योर चिकित्सा व्यवस्था में भारी गिरावट और गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सच्चाई छुपाने में जुटा रहा।
क्या राजस्थान में पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं?
हाँ, कांग्रेस सांसद राहुल कास्वां के अनुसार कोटा में सिजेरियन के बाद 5 और बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में 2 प्रसूताओं की मृत्यु पहले हो चुकी है। जोधपुर की यह घटना इस श्रृंखला की तीसरी बड़ी घटना बताई जा रही है।
कांग्रेस ने इस मामले में क्या माँगें रखी हैं?
सचिन पायलट ने उच्च स्तरीय जाँच, जिम्मेदारों की जवाबदेही, पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता और प्रभावित महिलाओं को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की माँग की है।
इस मामले में अस्पताल या सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आई?
अब तक अस्पताल प्रशासन या राजस्थान सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आईसीयू में भर्ती महिलाओं की स्थिति की निगरानी जारी है और राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ जाँच की माँग तेज हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले