दशहरा-दिवाली पर चीनी की कीमतें काबू में रहेंगी, एक्स-मिल दर ₹4,450 प्रति क्विंटल: आईएसएमए
सारांश
मुख्य बातें
त्योहारी सीजन से ठीक पहले इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईएसएमए) के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार और चीनी उद्योग दोनों मिलकर दशहरा तथा दिवाली के दौरान उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। उनके अनुसार घरेलू बाज़ार में चीनी की आपूर्ति पर्याप्त बनी हुई है और खुदरा कीमतों में पहले से नरमी शुरू हो चुकी है।
मौजूदा कीमतों की स्थिति
बल्लानी ने बताया कि एक्स-मिल चीनी की कीमतों में पहले ही लगभग 25 से 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। इस समय पूरे भारत में एक्स-मिल कीमत का औसत करीब ₹4,450 प्रति क्विंटल है। उन्होंने कहा, 'खुदरा कीमतें पहले ही कम हो चुकी हैं और आने वाले हफ्तों में इनमें और गिरावट आने की संभावना है।'
खुदरा कीमतों तक राहत पहुँचने में समय क्यों लगता है
बल्लानी ने स्पष्ट किया कि एक्स-मिल और खुदरा कीमतों के बीच बदलाव में आमतौर पर एक समयांतराल होता है। थोक स्तर पर हुई कमी का लाभ आपूर्ति श्रृंखला के ज़रिये उपभोक्ताओं तक पहुँचने में कुछ सप्ताह लग सकते हैं। उनके मुताबिक, 'अब जब एक्स-मिल कीमतों में 25 से 30 प्रतिशत तक कमी आ चुकी है, तो बाज़ार में कम लागत के स्तर के अनुरूप खुदरा कीमतों में भी धीरे-धीरे कमी आएगी।'
सरकार और उद्योग की साझा प्रतिबद्धता
बल्लानी ने जोर देकर कहा कि सरकार और उद्योग दोनों उपभोक्ताओं को त्योहारी माँग के दौरान बहुत उचित दर पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दशहरा बेहद करीब है और उसके बाद दिवाली समेत कई अन्य त्योहार आने वाले हैं, जिनमें मिठाई की माँग परंपरागत रूप से तेज़ी से बढ़ती है।
आपूर्ति की स्थिति और आगे की राह
घरेलू बाज़ार में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास जारी हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में त्योहारी सीजन से पहले चीनी की कीमतों में तेज़ी की शिकायतें आती रही हैं, इसलिए इस बार उद्योग और सरकार की ओर से समय पर दिया गया यह आश्वासन उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। आने वाले हफ्तों में खुदरा बाज़ार में कीमतों की दिशा यह तय करेगी कि ये वादे कितने कारगर साबित होते हैं।