रीवा गांधी मेमोरियल अस्पताल में जच्चा-बच्चा मौत: चार कर्मचारी निलंबित, जांच समिति गठित
सारांश
मुख्य बातें
रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में 26 अगस्त 2026 को एक गर्भवती महिला कल्पना मिश्रा और उनके अजन्मे बच्चे की मृत्यु के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। चिकित्सा लापरवाही और परिजनों से दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की एक समिति भी गठित की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
रीवा जिले के बैकुंठपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के हटवा गाँव निवासी अमित मिश्रा की पत्नी कल्पना मिश्रा को 26 अगस्त की सुबह लगभग 2:38 बजे गांधी मेमोरियल अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग में भर्ती कराया गया था। उसी दिन रात 11:55 बजे उनकी और उनके अजन्मे बच्चे की मृत्यु हो गई।
चिकित्सा रिकॉर्ड के अनुसार, भर्ती के समय उनकी प्लेटलेट संख्या लगभग 30,000 प्रति माइक्रोलीटर थी, रक्तचाप अत्यधिक उच्च था और लिवर एंजाइम भी सामान्य से अधिक पाए गए। डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर प्री-एक्लेम्पसिया, गंभीर थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और एचईएलएलपी सिंड्रोम से ग्रसित पाया था। सरकार का कहना है कि निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार और आवश्यक चिकित्सा प्रक्रियाएँ शुरू की गई थीं।
निलंबित कर्मचारी
प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग की डॉक्टर सोनल अग्रवाल और एनेस्थीसिया विभाग की डॉक्टर निधि पांडे को प्रथम दृष्टया कर्तव्य में घोर लापरवाही और गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया है। इसके अतिरिक्त दोनों नर्सिंग अधिकारियों को परिवार के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों के आधार पर निलंबित किया गया है।
सरकार की प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने 28 अगस्त को बताया कि राज्य सरकार ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा, 'मरीजों और उनके परिजनों के प्रति संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार के साथ-साथ निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।' शुक्ला ने अधिकारियों को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और कहा कि जांच समिति के निष्कर्षों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम और परिवार की माँग
परिवार ने दुर्व्यवहार और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। परिवार की माँग पर रीवा जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की संयुक्त टीम ने कल्पना मिश्रा और उनके अजन्मे बच्चे का पोस्टमार्टम कराया। आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद शवों को शव वाहन द्वारा उनके पैतृक गाँव पहुँचाया गया।
क्या होगा आगे
वरिष्ठ डॉक्टरों की जांच समिति अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपाय भी किए जाएंगे। यह मामला मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में प्रसूति देखभाल की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े करता है।