रक्षाबंधन 2026: जगदंबिका पाल ने सैकड़ों बहनों संग मनाया पर्व, इमरान मसूद का 31 साल पुराना रिश्ता कायम
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन 2026 के अवसर पर भाई-बहन के प्रेम की अनूठी तस्वीरें सामने आईं। सिद्धार्थनगर में डुमरियागंज के भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद जगदंबिका पाल ने सैकड़ों महिलाओं के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया, वहीं सहारनपुर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) सांसद इमरान मसूद ने अपनी मुंहबोली बहन पूजा भाटिया से राखी बंधवाकर 31 वर्ष पुरानी भाई-बहन की परंपरा को एक बार फिर जीवंत किया।
सिद्धार्थनगर में जगदंबिका पाल का विशेष आयोजन
महंत अवैद्यनाथ ऑडिटोरियम, सिद्धार्थनगर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सांसद जगदंबिका पाल की कलाई पर राखी बांधी। सांसद ने महिलाओं को अपनी बहन और परिवार का अभिन्न हिस्सा बताते हुए उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने प्रत्येक महिला का अभिवादन किया और मिठाइयाँ व उपहार देकर सम्मान किया।
इस अवसर पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा के बारे में भी जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं की संख्या और उत्साह इस बात का प्रमाण था कि सांसद का जनसंपर्क कार्यक्षेत्र से कहीं गहरा है।
जगदंबिका पाल ने रक्षाबंधन को बताया 'पीढ़ियों का पवित्र धागा'
सांसद जगदंबिका पाल ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ा अत्यंत भावनात्मक और पवित्र त्योहार बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में शायद ही कोई दूसरा ऐसा त्योहार हो, जहाँ भाई-बहन के रिश्ते को एक पवित्र धागे से आने वाली पीढ़ियों तक जोड़ने की भावना दिखाई देती हो। उन्होंने कहा कि जब बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है, तो भाई उसकी रक्षा का वचन देता है। पाल ने यह भी कहा कि इन महिलाओं का उन्हें अपना भाई मानना उनके लिए संतोष और प्रेरणा का स्रोत है, और वे इनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव कार्यरत रहेंगे।
सहारनपुर में इमरान मसूद का 31 साल पुराना रिश्ता
सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने अपनी मुंहबोली बहन पूजा भाटिया के साथ रक्षाबंधन मनाया। यह भाई-बहन का रिश्ता करीब 31 वर्ष पुराना है और हर रक्षाबंधन पर इसे नई ऊर्जा मिलती है। मसूद ने बताया कि जब पूजा के कोई सगा भाई नहीं था, तब उन्होंने खुद उनसे कहा था कि वे उनके भाई हैं — और तब से यह रिश्ता अटूट बना हुआ है।
गौरतलब है कि यह रिश्ता दो अलग-अलग धर्मों और समुदायों के बीच सामाजिक सौहार्द का एक सजीव उदाहरण है। इमरान मसूद हर वर्ष रक्षाबंधन पर पूजा भाटिया के पास पहुँचते हैं, और इस परंपरा में कभी कोई व्यवधान नहीं आया।
पूजा भाटिया की भावना: 'यह रिश्ता जीवन भर बना रहे'
पूजा भाटिया ने इस रिश्ते को लेकर गहरी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता अचानक बना था — जब उन्होंने कहा था कि उनका कोई भाई नहीं है, तब इमरान मसूद ने भाई बनने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे चाहती हैं कि यह रिश्ता जीवन भर इसी तरह बना रहे। हर साल रक्षाबंधन से पहले वे इस दिन का बेसब्री से इंतजार करती हैं।
उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन का सामाजिक संदेश
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में सामाजिक सौहार्द और सांप्रदायिक सद्भाव पर राजनीतिक विमर्श तेज है। दो अलग-अलग दलों और पृष्ठभूमियों के सांसदों द्वारा रक्षाबंधन को इस तरह मनाना एक सकारात्मक सामाजिक संकेत माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में इस तरह के सार्वजनिक आयोजन जन-प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के बीच विश्वास की नींव को और मजबूत कर सकते हैं।