रक्षाबंधन पर CM योगी का ऐलान: यूपी में 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, महिला रोजगार 12% से बढ़कर 36% हुआ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 28 अगस्त 2026 को लखनऊ में आयोजित 'बिटिया और बहना-यूपी का गहना' स्नेहबंधन कार्यक्रम में कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष करीब 15 करोड़ राखियाँ बंधी हैं, जिनमें से प्रत्येक के पीछे किसी कारीगर या हस्तशिल्पी की आर्थिक गतिविधि जुड़ी है।
मुख्य घोषणाएँ और कार्यक्रम की पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री ने कहा कि राखी की हर खरीद से कारीगर तक पैसा पहुँचता है और बाजार में लौटकर विकास को गति देता है। उन्होंने इस अवसर पर रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में 27, 28 और 29 अगस्त को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम और नगरीय बस सेवाओं में महिलाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा देने की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए परिवहन निगम की बसों में स्थायी रूप से मुफ्त यात्रा की व्यवस्था भी लागू की गई है।
शिक्षा में बेटियों की स्थिति: बदलाव की तस्वीर
सीएम योगी ने अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि एक दौरे में उन्होंने गरीब परिवार की बच्चियों को नंगे पैर और बिना यूनिफॉर्म के स्कूल जाते देखा, जबकि उनके भाइयों के पास जूते और यूनिफॉर्म थी। इस अनुभव के बाद सरकार ने बेटियों को दो यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया, जो बाद में सभी जरूरतमंद बच्चों तक विस्तारित हुआ। आज प्रदेश में करीब 1.60 करोड़ बच्चों को प्रतिवर्ष यह सुविधा मिल रही है।
उन्होंने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को आठवीं के बाद 12वीं कक्षा तक विस्तार देने का निर्णय लिया गया है और प्रदेश के सभी 825 विकासखंडों में इन विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लखनऊ स्थित परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडे के नाम पर संचालित देश के पहले सैनिक स्कूल में वर्ष 2018 में बेटियों को प्रवेश देने की शुरुआत की गई, और अब देश के सभी सैनिक स्कूलों में बेटियों के लिए प्रवेश का मार्ग खुल चुका है।
महिला रोजगार में ऐतिहासिक उछाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद करीब 75 वर्षों तक राज्य में केवल 12 प्रतिशत महिलाएँ नौकरी या रोजगार से जुड़ी थीं, लेकिन अब यह आँकड़ा 36 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के लिए बड़े शहरों में निशुल्क छात्रावास निर्माण की पहल भी आगे बढ़ाई जा रही है। योगी ने कहा कि आज बेटियाँ नाइट शिफ्ट में भी आत्मविश्वास के साथ काम कर रही हैं।
मिशन शक्ति और नारी शक्ति वंदन अधिनियम
सीएम योगी ने कहा कि मिशन शक्ति का संचालन बेटी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप आज बेटियाँ भयमुक्त होकर स्कूल जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल कानून के पालन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे विधानसभा और लोकसभा जैसी कानून बनाने वाली संस्थाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी बेटियों, बहनों और माताओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है। उन्होंने बेटियों से मेहनत और परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने और प्रदेश व देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। गौरतलब है कि यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ जब उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण की नीतियाँ राष्ट्रीय बहस का केंद्र बनी हुई हैं।