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नेपाल बाढ़: विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने तमिलनाडु मंत्रियों को दी राहत कार्यों की जानकारी, 290 भारतीय अभी भी लापता

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नेपाल बाढ़: विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने तमिलनाडु मंत्रियों को दी राहत कार्यों की जानकारी, 290 भारतीय अभी भी लापता

सारांश

नेपाल की भोटे कोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने 469 जानें ली हैं और 290 भारतीय नागरिकों से संपर्क टूटा है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने तमिलनाडु के मंत्रियों को राहत प्रयासों की जानकारी दी, जबकि मुख्यमंत्री विजय ने काठमांडू के लिए एक उच्चस्तरीय दल रवाना किया है।

मुख्य बातें

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 28 अगस्त को थिरु आधव अर्जुन के नेतृत्व में आए तमिलनाडु मंत्रियों से मुलाकात कर नेपाल राहत अभियान की जानकारी दी।
नेपाल में भोटे कोशी नदी की बाढ़ में अब तक 469 लोगों की मौत; 977 लोग अभी भी लापता।
लापता लोगों में 290 भारतीय नागरिक और 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
त्रिशूली-I परियोजना के 63 भारतीय कर्मचारी और कैलाश मानसरोवर के 21 तमिल यात्री सुरक्षित बचाए गए।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय ने गृह आयुक्त आशीष कुमार के नेतृत्व में दल काठमांडू भेजा।
MEA का सिचुएशन रूम 24 घंटे सक्रिय; कम से कम 73 लोग घायल ।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शुक्रवार, 28 अगस्त को नई दिल्ली में थिरु आधव अर्जुन के नेतृत्व में आए तमिलनाडु के वरिष्ठ मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस बैठक में नेपाल में भोटे कोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित भारतीय नागरिकों — जिनमें तमिलनाडु के यात्री भी शामिल हैं — के लिए जारी राहत एवं सहायता अभियान पर विस्तार से चर्चा हुई। इस आपदा में अब तक 290 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है।

बैठक में क्या हुआ

विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी पोस्ट में बताया कि विदेश सचिव मिस्री ने मंत्रियों को MEA और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल ने MEA के 'सिचुएशन रूम' का भी दौरा किया, जो प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों की मदद के लिए 24 घंटे सक्रिय है।

अब तक के बचाव प्रयास

गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि रसुवा जिले में त्रिशूली-I परियोजना पर कार्यरत 63 भारतीय कर्मचारियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इसके अलावा, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 यात्रियों को भी सकुशल निकाल लिया गया है। यह राहत ऐसे समय में मिली है जब सैकड़ों लोग अभी भी दुर्गम इलाकों में फंसे हैं।

तमिलनाडु सरकार की पहल

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गृह आयुक्त आशीष कुमार के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय दल को नेपाल भेजने का आदेश दिया है। यह दल दिल्ली से काठमांडू जाएगा, वहाँ फंसे तमिल नागरिकों की स्थिति का जायजा लेगा और नेपाल सरकार के साथ मिलकर बचाव कार्यों में समन्वय करेगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा गुरुवार को बुलाई गई आपातकालीन बैठक के बाद लिया गया।

नेपाल में तबाही का पैमाना

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के आँकड़ों के अनुसार, नेपाल के विभिन्न जिलों से अब तक 469 शव बरामद हो चुके हैं। संपर्क से बाहर 977 लोगों में 517 विदेशी नागरिक और 127 प्रवासी नेपाली शामिल हैं। लापता लोगों में नेपाल पुलिस के 28 जवान, नेपाल सेना के 45 जवान, आर्म्ड पुलिस फोर्स के 13 जवान, कस्टम ऑफिस के 15 कर्मचारी और इमिग्रेशन ऑफिस के 4 कर्मचारी भी हैं। कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं — रासुवा में 43, नुवाकोट में 27 और धाडिंग में 3

आपदा का कारण और व्यापक नुकसान

माना जा रहा है कि यह विनाशकारी बाढ़ नेपाल और चीन की सीमा पर बहने वाली भोटे कोशी नदी पर हिमस्खलन के कारण आई। नदी के प्रवाह-मार्ग पर बसी कई बस्तियाँ, सड़कें, पनबिजली परियोजनाएँ और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। गौरतलब है कि यह क्षेत्र पहले भी मानसून के दौरान आकस्मिक बाढ़ की चपेट में आता रहा है, लेकिन इस बार की तबाही का पैमाना असाधारण बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में राहत और बचाव कार्यों की गति पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ हर वर्ष हजारों भारतीय तीर्थयात्री और मजदूर जाते हैं, 290 नागरिकों का एक साथ लापता होना यह सवाल उठाता है कि क्या दूतावास के पास वास्तविक समय में नागरिकों की लोकेशन ट्रैक करने की प्रणाली है। MEA का 'सिचुएशन रूम' सक्रिय होना स्वागतयोग्य है, लेकिन यह प्रतिक्रियाशील कदम है — जबकि भोटे कोशी जैसे संवेदनशील मार्गों पर पूर्व-चेतावनी और पंजीकरण तंत्र की दीर्घकालिक आवश्यकता स्पष्ट है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में कितने भारतीय नागरिक लापता हैं?
भोटे कोशी नदी की बाढ़ के बाद 290 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें तमिलनाडु के यात्री भी शामिल हैं जो कैलाश मानसरोवर यात्रा और अन्य कार्यों के सिलसिले में नेपाल गए थे।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री और तमिलनाडु मंत्रियों की बैठक में क्या हुआ?
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 28 अगस्त को थिरु आधव अर्जुन के नेतृत्व में आए तमिलनाडु के वरिष्ठ मंत्रियों को MEA और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों की जानकारी दी। मंत्रियों ने MEA के 24 घंटे सक्रिय 'सिचुएशन रूम' का भी दौरा किया।
तमिलनाडु सरकार ने नेपाल में फंसे अपने नागरिकों के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गृह आयुक्त आशीष कुमार के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय दल काठमांडू भेजने का आदेश दिया है। यह दल फंसे तमिल नागरिकों की स्थिति का आकलन करेगा और नेपाल सरकार के साथ बचाव कार्यों में समन्वय करेगा।
नेपाल की भोटे कोशी बाढ़ में कुल कितनी मौतें हुई हैं?
NDRRMA के अनुसार नेपाल के विभिन्न जिलों से अब तक 469 शव बरामद हो चुके हैं। इसके अलावा 977 लोग अभी भी लापता हैं और कम से कम 73 लोग घायल हैं।
नेपाल में कितने भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है?
रसुवा जिले में त्रिशूली-I परियोजना पर कार्यरत 63 भारतीय कर्मचारियों और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बाकी लापता नागरिकों की तलाश जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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