नेपाल बाढ़: भोटे कोसी में तबाही के बाद 290 भारतीय लापता, विदेश मंत्रालय ने जारी की बचाए गए नागरिकों की सूची
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश मंत्रालय ने 27 अगस्त 2026 को पुष्टि की कि नेपाल में भोटे कोसी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद 290 भारतीय नागरिक लापता हैं। हिमालयी देश में यह आपदा उस समय आई जब नदी के ऊपरी हिस्से में हिमस्खलन के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिसने रसुवा और नुवाकोट जिलों में भारी तबाही मचाई।
कौन हैं प्रभावित भारतीय नागरिक
विदेश मंत्रालय के अनुसार, लापता भारतीयों में रसुवा जिले की त्रिशुली-वन परियोजना में कार्यरत 63 भारतीय श्रमिक शामिल हैं। इसके अलावा, तमिलनाडु के 21 भारतीय तीर्थयात्री भी इस आपदा से प्रभावित हुए हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे।
यह ऐसे समय में आया है जब मानसरोवर यात्रा के मौसम में हर वर्ष हजारों भारतीय तीर्थयात्री नेपाल के रास्ते इस मार्ग से गुजरते हैं, जिससे इस क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की उपस्थिति विशेष रूप से अधिक रहती है।
बचाए गए भारतीय नागरिकों की सूची
विदेश मंत्रालय ने बचाए गए नागरिकों की सूची भी जारी की। इनमें सुमित कुमार खरे, मुकेश कुमार, सचिन कुमार, जसमंत सिंह, चंदन तिवारी, देवन कुमार शाह, अमरेंद्र कुमार यादव, ओम प्रकाश यादव, संपत कुमार, नीरज कुमार ठाकुर, जय हांसदा, सुनील कुमार सिंह, उपेंद्र बरनमल, राहुल कुमार गुप्ता, नीरज कुमार पटेल, सनोवर आलम, उपेंद्र भासिन, योगेश कुमार, मोहम्मद अकरम आलम, एमडी इंजमामुल हक, अभिषेक कुमार, अभिषेक यादव, मंगल सिंह, पंकज कुमार शाह, नीलेश कुमार, आशुतोष मनकोपाध्याय, लक्ष्मण तिवारी और गांगुली पटेल शामिल हैं।
बचाए गए अन्य नागरिकों में इंद्रजीत कुमार, ज्ञान सिंह, जय कृष्ण, शाहरुख, निपिंदर मंडल, सद्दाम हुसैन, राज कुमार तिवारी, आलोक कुमार शाह, अरुण कुमार शाह, सत्येन्द्र कुमार सिंह, बिट्टू कुमार, आदि अबेद बसुमतारी, केके पांडे, अभिषेक तिवारी, आकाश, प्रदीप, रंजन कुमार, पवन लोधी, अनिल, विजय प्रसाद, नारायण बहादुर, जन्मेजय सिंह, सुनील गिरी, रोशन कुमार, विशमर सिंह, सुहैल मुस्तफा, नीलेश, प्रमोद गुप्ता, जीतेन्द्र राम, नितेश कुमार सिंह, निजाउदीन, कवि कुमार और रोहित वर्मा के नाम शामिल हैं।
आपदा का व्यापक स्वरूप: अंतरराष्ट्रीय नागरिक भी लापता
नेपाल पुलिस के आँकड़ों के अनुसार, 27 अगस्त की दोपहर तक कुल 644 लोग लापता थे, जिनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशियों में 100 चीनी नागरिक (चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान के अनुसार), 53 यूक्रेनी, 51 मलेशियाई, 35 ऑस्ट्रेलियाई, 33 ब्रिटिश और 25 कनाडाई नागरिक शामिल हैं। 127 नेपाली नागरिक भी अभी तक लापता बताए जा रहे हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि लगभग 90 अमेरिकी नागरिक इस बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं, हालाँकि 3 अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है और किसी अमेरिकी की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है।
आपदा का कारण और सबसे प्रभावित क्षेत्र
अधिकारियों के अनुसार, यह बाढ़ नेपाल और चीन के बीच सीमावर्ती भोटे कोसी नदी के ऊपरी हिस्से में हिमस्खलन के कारण आई। रसुवा और नुवाकोट जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। गौरतलब है कि भोटे कोसी नदी का यह क्षेत्र भूगर्भीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है और अतीत में भी यहाँ कई बार अचानक बाढ़ की घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं।
आगे क्या होगा
विदेश मंत्रालय स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और नेपाल में भारतीय दूतावास राहत व बचाव कार्यों में सहयोग कर रहा है। बचाव अभियान जारी है और लापता नागरिकों की तलाश के लिए नेपाली अधिकारियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। आने वाले दिनों में लापता नागरिकों की संख्या में बदलाव संभव है।