नेपाल बाढ़: 178 भारतीयों समेत 644 पर्यटक लापता, रसुवा से 21 भारतीय सुरक्षित निकाले
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) ने 27 अगस्त को पुष्टि की कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद 33 देशों के कुल 644 पर्यटक — जिनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं — लापता हैं। लापता पर्यटकों में सबसे अधिक 178 भारतीय हैं, जो इस आपदा में सर्वाधिक प्रभावित विदेशी नागरिकता समूह बनाते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और गोरखा जिलों के नदी-तटीय इलाकों में भारी तबाही मची है। बाढ़ ने इन क्षेत्रों में ट्रैकिंग और पर्यटन मार्गों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लापता पर्यटकों की सूची साझा की, जिसमें स्पष्ट किया गया कि यह सूची ट्रैकिंग और ट्रैवल कंपनियों से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है।
इससे पहले जारी की गई प्रारंभिक सूची में केवल 291 विदेशी पर्यटकों से संपर्क न हो पाने की बात कही गई थी। अद्यतन आँकड़ों के अनुसार लापता पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
देशवार लापता पर्यटकों की स्थिति
नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा जारी सूची के अनुसार लापता पर्यटकों में भारत के 178 नागरिक सबसे अधिक हैं। इसके बाद नेपाल के 127, अमेरिका के 65 और यूक्रेन के 53 नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। कुल मिलाकर 33 देशों के नागरिक इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।
राहत और बचाव अभियान
नेपाल सरकार के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नेपाल पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस और पर्यटन उद्योग से जुड़े संगठन मिलकर लापता पर्यटकों का पता लगाने में जुटे हैं। नेपाली सेना ने रसुवा के टिमुरे से गुरुवार सुबह 116 लोगों को सुरक्षित निकाला, जिनमें 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
खराब मौसम और टूटे हुए रास्तों के बावजूद तलाशी अभियान जारी है। ट्रैवल एजेंसियों, गाइडों, स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर सूची में दर्ज जानकारी की पुष्टि और जाँच की जा रही है।
आम जनता पर असर
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे बसे चार जिलों के नदी-तटीय इलाकों में भारी तबाही हुई है, जबकि अन्य पर्यटन क्षेत्र सुरक्षित बताए जा रहे हैं। यह आपदा ऐसे समय में आई है जब नेपाल में मानसून सीजन के दौरान ट्रैकिंग पर्यटन अपने चरम पर होता है और हज़ारों विदेशी पर्यटक विभिन्न ट्रेल्स पर होते हैं।
क्या होगा आगे
लापता पर्यटकों की सूची को लगातार अपडेट किया जा रहा है क्योंकि दुर्गम इलाकों से संपर्क बहाल होने में समय लग रहा है। भारतीय दूतावास और संबंधित देशों के राजनयिक मिशन भी अपने नागरिकों की स्थिति जानने के प्रयास में लगे हैं। राहत एवं बचाव कार्य जारी रहने के साथ आने वाले दिनों में लापता और सुरक्षित निकाले गए लोगों की संख्या में बदलाव संभव है।