नेपाल बाढ़: रसुवा में 8 दक्षिण कोरियाई लापता, 10 फंसे; 384 पर्यटक अब भी लापता
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के रसुवा जिले में नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने 8 दक्षिण कोरियाई नागरिकों को लापता कर दिया है, जबकि 10 अन्य दक्षिण कोरियाई नागरिक प्रभावित क्षेत्र में फंसे हुए हैं। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने बुधवार, 26 अगस्त को यह जानकारी दी। इस आपदा में कुल 384 पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 291 विदेशी नागरिक और 105 भारतीय शामिल हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्रालय के अनुसार, लापता आठों दक्षिण कोरियाई नागरिक कोरिया साउथ-ईस्ट पावर कंपनी और दूसान एनरबिलिटी कंपनी के कर्मचारी हैं, जो रसुवा जिले में एक जलविद्युत परियोजना के निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसके अतिरिक्त, दूसान एनरबिलिटी से जुड़े 10 अन्य कर्मचारी भी उसी क्षेत्र में फंसे हैं और बचाव दल का इंतजार कर रहे हैं।
नेपाल सरकार ने फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर भेजे हैं। दक्षिण कोरियाई दूतावास ने नेपाल सरकार को तत्काल सूचित करते हुए व्यापक खोज एवं बचाव अभियान चलाने का अनुरोध किया।
राष्ट्रपति का निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने अधिकारियों को 'उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग' करते हुए तत्काल खोज और बचाव अभियान चलाने का निर्देश दिया। राष्ट्रपति कार्यालय की वरिष्ठ प्रवक्ता कांग यू-जुंग ने यह जानकारी साझा की।
आपदा का व्यापक असर
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई इस फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस आपदा में कई लोगों की मौत हुई है, सैकड़ों लोग लापता हैं और गांवों तथा बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँचा है। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने प्रभावित पर्यटकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं — टोल-फ्री नंबर 1234, हेल्पलाइन 1144 और टूरिस्ट पुलिस नंबर 9851289445।
पर्यटन बोर्ड ने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद लोगों से शांत रहने, आधिकारिक माध्यमों से जानकारी प्राप्त करने और प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
नेपाल सरकार की प्रतिक्रिया
नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने प्रभावित जिलों — रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन — के सांसदों के साथ आपात बैठक की। बैठक में भूकंप और बाढ़ से हुए नुकसान, नदी किनारे के इलाकों की स्थिति तथा राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
गौरतलब है कि नेपाल हर वर्ष मानसून सीजन में भीषण बाढ़ और भूस्खलन का सामना करता है, लेकिन इस बार नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के प्रभावित होने ने आपदा को अंतरराष्ट्रीय आयाम दे दिया है।
आगे क्या होगा
बचाव अभियान जारी है और नेपाल सरकार हेलीकॉप्टर के ज़रिये फंसे हुए लोगों को निकालने में जुटी है। दक्षिण कोरियाई दूतावास स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है। लापता 105 भारतीय नागरिकों को लेकर भी चिंता बनी हुई है और भारतीय दूतावास की भूमिका पर सभी की निगाहें टिकी हैं।