नेपाल बाढ़: रसुवा में 7 की मौत, 105 भारतीयों समेत 291 विदेशी पर्यटक लापता
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। नेपाल पर्यटन विभाग के अनुसार, इस आपदा में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 384 यात्री लापता बताए जा रहे हैं — जिनमें 291 विदेशी नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशियों में 105 भारतीय नागरिक भी हैं।
मुख्य घटनाक्रम
नेपाल पर्यटन विभाग ने विभिन्न टूरिज्म एजेंसियों के हवाले से जारी आँकड़ों में बताया कि लापता भारतीयों की संख्या अलग-अलग स्रोतों में 59 और 46 के रूप में दर्ज है, जो मिलाकर 105 बनती है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सेना के दो हेलीकॉप्टर तत्काल रसुवा रवाना किए गए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून अपने चरम पर है और पहाड़ी इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा पहले से ही बना हुआ था। गौरतलब है कि रसुवा जिला तिब्बत सीमा से लगा एक प्रमुख पर्यटन और ट्रेकिंग क्षेत्र है, जहाँ इस मौसम में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने जनता और यात्रियों से प्रभावित हाईवे तथा नदी मार्गों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने का आग्रह किया है। उन्होंने भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे तथा मुग्लिन की ओर रहने वाले निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अगली सूचना तक पूरी तरह सतर्क रहें।
काठमांडू घाटी की ट्रैफिक पुलिस ने एहतियातन काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और चितवन जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
फंसे पर्यटकों के लिए अपील
बोर्ड ने आपदाग्रस्त इलाकों में फंसे पर्यटकों से शांत रहने की अपील की है। उन्हें सलाह दी गई है कि अफवाहों से बचें, स्थानीय अधिकारियों का पूरा सहयोग करें और जब तक आधिकारिक पुष्टि न हो जाए कि सड़क सुरक्षित है, तब तक प्रभावित क्षेत्रों की ओर न बढ़ें।
आम जनता पर असर
इस आपदा का सीधा असर उन सैकड़ों परिवारों पर पड़ा है जिनके परिजन नेपाल में पर्यटन पर गए हुए हैं। भारतीय दूतावास, काठमांडू से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन भारत सरकार की नज़र स्थिति पर बनी हुई है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने परिजनों को अपनी स्थिति से अवगत कराएँ और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
क्या होगा आगे
बचाव अभियान जारी है और हेलीकॉप्टरों के ज़रिए दुर्गम इलाकों तक पहुँचने की कोशिश की जा रही है। मौसम विभाग की चेतावनियों के मद्देनज़र अगले कुछ दिनों में और बारिश की आशंका है, जिससे राहत कार्य में बाधा आ सकती है। स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और जैसे-जैसे जानकारी मिलती है, आँकड़े अपडेट किए जाएँगे।