झारग्राम में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: जबरन वसूली गिरोह का कॉन्स्टेबल गिरफ्तार, ₹5 लाख जब्त
सारांश
मुख्य बातें
एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 26 अगस्त 2026 को झारग्राम जिले में ट्रकों और ट्रैक्टरों से व्यवस्थित तरीके से जबरन वसूली करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए झारग्राम पुलिस स्टेशन के एक कॉन्स्टेबल सहित तीन दलालों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी कॉन्स्टेबल का नाम दलाल के मोबाइल फोन में 'झारग्राम मैनेजर' के नाम से सेव था, जो इस वसूली गिरोह के संगठित स्वरूप को उजागर करता है।
छापेमारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
मंगलवार रात एसीबी की टीम को शिकायत मिली थी कि एक पुलिस कॉन्स्टेबल दलालों के नेटवर्क के ज़रिए अलग-अलग ट्रकों और ट्रैक्टरों से नियमित रूप से पैसे वसूल रहा है। शिकायत के आधार पर जांचकर्ताओं ने जाल बिछाया और ट्रक मालिक से पैसे लेने की कोशिश करते हुए तीनों दलालों को मौके पर ही दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान एक दलाल ने स्वीकार किया कि वसूली की रकम सीधे आरोपी कॉन्स्टेबल को सौंपी जाती थी। उसने यह भी बताया कि उसने कॉन्स्टेबल के लिए विभिन्न ट्रकों से पहले ही ₹5 लाख इकट्ठा कर रखे थे।
जब्त रकम और साक्ष्य
एसीबी सूत्रों के अनुसार, उस दिन की वसूली की रकम के साथ-साथ पहले से जमा किए गए ₹5 लाख भी जब्त कर लिए गए हैं। आरोपी कॉन्स्टेबल के मोबाइल नंबर का दलाल के फोन में 'झारग्राम मैनेजर' नाम से सेव होना इस गिरोह के सुनियोजित संचालन की ओर इशारा करता है।
जांचकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहन मालिकों से जबरन वसूली की गई, उनकी संख्या और वसूली की कुल रकम का भी पता लगाया जा रहा है।
झारग्राम में एसीबी की लगातार कार्रवाइयाँ
यह गिरफ्तारी अकेली नहीं है। इसी महीने की शुरुआत में एसीबी अधिकारियों ने झारग्राम के जांबोनी बीडीए ऑफिस के असिस्टेंट इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। उसके बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी का सिलसिला जारी रहा और कई सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया।
इससे पहले 18 अगस्त को हावड़ा पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत सक्रेल पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नजीरगंज आउटपोस्ट के कॉन्स्टेबल शुभमय मंडल को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। इस प्रकार अगस्त माह में झारग्राम और उससे जुड़े क्षेत्रों में यह एसीबी की एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई है।
आगे की जांच
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि गिरोह में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान के लिए जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वसूली का यह सिलसिला कब से चल रहा था और इसमें और कितने पुलिसकर्मी शामिल हो सकते हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।