26 अगस्त 2026
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झारग्राम में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: जबरन वसूली गिरोह का कॉन्स्टेबल गिरफ्तार, ₹5 लाख जब्त

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झारग्राम में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: जबरन वसूली गिरोह का कॉन्स्टेबल गिरफ्तार, ₹5 लाख जब्त

सारांश

झारग्राम में एसीबी ने ट्रकों-ट्रैक्टरों से वसूली करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस कॉन्स्टेबल का नाम दलाल के फोन में 'झारग्राम मैनेजर' सेव था। ₹5 लाख जब्त। अगस्त में झारग्राम से यह दूसरी बड़ी एसीबी गिरफ्तारी है।

मुख्य बातें

एसीबी ने 26 अगस्त 2026 को झारग्राम पुलिस स्टेशन के एक कॉन्स्टेबल सहित तीन दलालों को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया।
आरोपी कॉन्स्टेबल का नाम दलाल के मोबाइल में 'झारग्राम मैनेजर' के रूप में सेव था।
दलाल ने स्वीकार किया कि उसने कॉन्स्टेबल के लिए विभिन्न ट्रकों से पहले ही ₹5 लाख इकट्ठा किए थे, जो जब्त कर लिए गए हैं।
18 अगस्त को हावड़ा के नजीरगंज आउटपोस्ट के कॉन्स्टेबल शुभमय मंडल को ₹1 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
इसी महीने जांबोनी बीडीए ऑफिस के असिस्टेंट इंजीनियर को भी एसीबी ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों और वसूली की कुल रकम की जांच जारी है।

एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 26 अगस्त 2026 को झारग्राम जिले में ट्रकों और ट्रैक्टरों से व्यवस्थित तरीके से जबरन वसूली करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए झारग्राम पुलिस स्टेशन के एक कॉन्स्टेबल सहित तीन दलालों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी कॉन्स्टेबल का नाम दलाल के मोबाइल फोन में 'झारग्राम मैनेजर' के नाम से सेव था, जो इस वसूली गिरोह के संगठित स्वरूप को उजागर करता है।

छापेमारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

मंगलवार रात एसीबी की टीम को शिकायत मिली थी कि एक पुलिस कॉन्स्टेबल दलालों के नेटवर्क के ज़रिए अलग-अलग ट्रकों और ट्रैक्टरों से नियमित रूप से पैसे वसूल रहा है। शिकायत के आधार पर जांचकर्ताओं ने जाल बिछाया और ट्रक मालिक से पैसे लेने की कोशिश करते हुए तीनों दलालों को मौके पर ही दबोच लिया।

पूछताछ के दौरान एक दलाल ने स्वीकार किया कि वसूली की रकम सीधे आरोपी कॉन्स्टेबल को सौंपी जाती थी। उसने यह भी बताया कि उसने कॉन्स्टेबल के लिए विभिन्न ट्रकों से पहले ही ₹5 लाख इकट्ठा कर रखे थे।

जब्त रकम और साक्ष्य

एसीबी सूत्रों के अनुसार, उस दिन की वसूली की रकम के साथ-साथ पहले से जमा किए गए ₹5 लाख भी जब्त कर लिए गए हैं। आरोपी कॉन्स्टेबल के मोबाइल नंबर का दलाल के फोन में 'झारग्राम मैनेजर' नाम से सेव होना इस गिरोह के सुनियोजित संचालन की ओर इशारा करता है।

जांचकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जिन वाहन मालिकों से जबरन वसूली की गई, उनकी संख्या और वसूली की कुल रकम का भी पता लगाया जा रहा है।

झारग्राम में एसीबी की लगातार कार्रवाइयाँ

यह गिरफ्तारी अकेली नहीं है। इसी महीने की शुरुआत में एसीबी अधिकारियों ने झारग्राम के जांबोनी बीडीए ऑफिस के असिस्टेंट इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। उसके बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी का सिलसिला जारी रहा और कई सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया।

इससे पहले 18 अगस्त को हावड़ा पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत सक्रेल पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नजीरगंज आउटपोस्ट के कॉन्स्टेबल शुभमय मंडल को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। इस प्रकार अगस्त माह में झारग्राम और उससे जुड़े क्षेत्रों में यह एसीबी की एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई है।

आगे की जांच

एसीबी अधिकारियों ने बताया कि गिरोह में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान के लिए जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वसूली का यह सिलसिला कब से चल रहा था और इसमें और कितने पुलिसकर्मी शामिल हो सकते हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत है — 'झारग्राम मैनेजर' जैसे कोडनेम इसी की पुष्टि करते हैं। सवाल यह है कि पुलिस की आंतरिक निगरानी प्रणाली इतने समय तक इस गिरोह को क्यों नहीं पकड़ पाई। एसीबी की सक्रियता स्वागतयोग्य है, लेकिन जब तक विभागीय जवाबदेही तय नहीं होती और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच नहीं होती, तब तक ये गिरफ्तारियाँ लक्षण का उपचार हैं, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारग्राम में एसीबी ने किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
एसीबी ने झारग्राम पुलिस स्टेशन के एक कॉन्स्टेबल सहित तीन दलालों को ट्रकों और ट्रैक्टरों से जबरन वसूली के आरोप में 26 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया। शिकायत के आधार पर जाल बिछाकर तीनों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
गिरफ्तार कॉन्स्टेबल का मोबाइल में 'झारग्राम मैनेजर' नाम क्यों था?
एसीबी सूत्रों के अनुसार, दलाल के मोबाइल फोन में आरोपी कॉन्स्टेबल का नंबर 'झारग्राम मैनेजर' नाम से सेव था, जो इस वसूली गिरोह के संगठित और सुनियोजित संचालन को दर्शाता है। यह नाम जांच में अहम साक्ष्य बना है।
इस मामले में कितनी रकम जब्त की गई है?
जांचकर्ताओं ने उस दिन की वसूली की रकम के साथ-साथ पहले से जमा किए गए ₹5 लाख भी जब्त किए हैं। दलाल ने स्वयं स्वीकार किया कि यह रकम विभिन्न ट्रकों से इकट्ठा करके कॉन्स्टेबल को देने के लिए रखी गई थी।
अगस्त 2026 में झारग्राम से एसीबी की और कौन-सी कार्रवाइयाँ हुई हैं?
इस महीने की शुरुआत में जांबोनी बीडीए ऑफिस के असिस्टेंट इंजीनियर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा 18 अगस्त को हावड़ा के नजीरगंज आउटपोस्ट के कॉन्स्टेबल शुभमय मंडल को ₹1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था।
इस मामले में आगे क्या होगा?
एसीबी ने कहा है कि गिरोह में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल सभी लोगों की पहचान के लिए जांच जारी है। वसूली की कुल रकम और पीड़ित वाहन मालिकों की संख्या का भी पता लगाया जा रहा है, और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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