अहिल्यानगर में सोने के नाम पर लूट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, ₹26.52 लाख की संपत्ति सहित 5 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में पुलिस ने 7 जून 2026 को एक शातिर लूट गिरोह का पर्दाफाश किया, जो सस्ते दाम पर सोना दिलाने का झाँसा देकर लोगों को एकांत स्थान पर बुलाकर लूटपाट करता था। स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने इस गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से ₹26 लाख 52 हजार मूल्य की नकदी, सोने के आभूषण, सोने के सिक्के और एक चार-पहिया वाहन जब्त किया है।
घटना का घटनाक्रम
रायगढ़ जिले के निवासी शिकायतकर्ता अनिल नलावडे को आरोपियों ने सस्ते में सोना देने का प्रलोभन देकर अहिल्यानगर तालुका के एक फ्लाईओवर के पास बुलाया। वहाँ पहुँचने पर गिरोह के सदस्यों ने उनके साथ मारपीट की और उनसे सोना तथा नकदी छीन ली।
लूट का शिकार होने के बाद नलावडे ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एलसीबी ने जाँच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान नांदेड़ जिले के किनवट क्षेत्र के निवासियों के रूप में की।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस की टीम ने किनवट पहुँचकर गिरोह के पाँचों सदस्यों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवाजी मोहिते, राजू मोहिते, अक्षय मोहिते, छगन मोहिते और दिनेश जाधव के रूप में हुई है — ये सभी नांदेड़ जिले के निवासी हैं।
आरोपियों के कब्जे से ₹16 लाख नकद, ₹2 लाख मूल्य के सोने के आभूषण व सोने के सिक्के, तथा एक चार-पहिया वाहन सहित कुल ₹26 लाख 52 हजार मूल्य की संपत्ति जब्त की गई है।
साइबर मामला: अमृता फडणवीस के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट
इसी बीच, महाराष्ट्र की साइबर पुलिस ने पुणे निवासी 27 वर्षीय वरुण खड़ने को सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस के बारे में कथित तौर पर अश्लील और अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी पोस्ट में सीधे तौर पर नाम का उल्लेख नहीं किया था, लेकिन 'मुख्यमंत्री की पत्नी' का संदर्भ देते हुए ऐसी बातें लिखी थीं जो उनकी छवि को नुकसान पहुँचा सकती थीं। मुंबई में कार्यरत खड़ने को तकनीकी जाँच के जरिए उसकी ऑनलाइन गतिविधियों का पता चलने के बाद हिरासत में लिया गया था।
कानूनी कार्रवाई
खड़ने के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया। उसे मुंबई मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ आरोप जमानत-योग्य पाए जाने पर अदालत ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया।
आगे की जाँच
अहिल्यानगर पुलिस यह जाँच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य जिलों में भी इसी तरह की वारदातें की हैं। गौरतलब है कि 'सस्ते सोने' के नाम पर ठगी और लूट की घटनाएँ महाराष्ट्र में पहले भी सामने आ चुकी हैं, जो इस तरह के संगठित गिरोहों की व्यापक उपस्थिति की ओर इशारा करती हैं।