बिहार: मुजफ्फरपुर पुलिस ने सोना लूटने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़, <b>5</b> गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- मुजफ्फरपुर पुलिस ने सोना लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया।
- पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- सात मोबाइल फोन और गला हुआ सोना बरामद किया गया।
- अवैध ज्वेलरी दुकान को सील कर दिया गया।
- गिरोह के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मुजफ्फरपुर, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के तहत सोना लूटकर उसे गलाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने सात मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और लगभग 15 ग्राम गला हुआ सोना बरामद किया है। साथ ही, इस अवैध धंधे में शामिल एक ज्वेलरी दुकान को भी सील कर दिया गया है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले की जानकारी साझा की।
सिटी एसपी ने बताया कि ब्रह्मपुरा थाना पुलिस ने 1 अप्रैल की रात जांच के दौरान चांदनी चौक के समीप संदिग्ध अवस्था में एक मोटरसाइकिल सवार को रोका। तलाशी के दौरान उसके पास से एक धारदार चाकू बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने मौके से तीन लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले जाकर पूछताछ की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सीतामढ़ी
पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर अहियापुर थाना क्षेत्र में 'जय मां वैष्णो ज्वेलर्स' में छापेमारी की गई, जहां यह गिरोह लूटे गए सोने को गलाकर बेचता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने सात मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और सवा 15 ग्राम गला हुआ सोना बरामद किया। इस दौरान एलाईसिंग का काम करने वाले शंभू कुमार को भी गिरफ्तार किया गया, जबकि दुकान के संचालक कृष्ण कुमार को भी हिरासत में लिया गया। अहियापुर थाना पुलिस ने संबंधित ज्वेलरी दुकान को सील कर दिया है।
इस पूरे अभियान का नेतृत्व नगर एसडीपीओ टू विनीत सिन्हा कर रहे थे, जिसमें अहियापुर थाना के पुलिस अधिकारी भी सक्रिय भूमिका में थे।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार गिरोह के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। ब्रह्मपुरा थाना में कांड संख्या 102/26 और सदर थाना में कांड संख्या 298/26 के तहत इनके खिलाफ केस दर्ज है। यह गिरोह लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने के बाद सोने को पिघलाकर बेच देता था, ताकि उसकी पहचान छिपाई जा सके। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है।