जबलपुर में अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश, 1.55 करोड़ नकदी और लाखों का सोना बरामद
सारांश
Key Takeaways
- जबलपुर में अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
- चार आरोपियों के पास से 1.55 करोड़ रुपये नकद बरामद।
- पीड़ितों को ठगने के लिए नकली सोने का इस्तेमाल किया गया।
- पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की।
- अन्य सदस्यों की जांच जारी है।
जबलपुर, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्यप्रदेश के जबलपुर में पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो नकली सोने की गिन्नियों के माध्यम से लोगों से लाखों-करोड़ों रुपए की ठगी कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से लगभग 1 करोड़ 55 लाख रुपए नकद, 84 ग्राम असली सोना, लगभग 20 किलोग्राम नकली सोने की गिन्नियां और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी बेहद चालाकी से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। वे खुद को मजदूर बताकर आम लोगों से संपर्क करते और गड़ा हुआ खजाना मिलने का झांसा देते थे। शुरुआत में वे असली सोने की गिन्नियां दिखाकर पीड़ितों का विश्वास जीतते थे, जिसके बाद बड़ी मात्रा में नकली सोना देकर उनसे मोटी रकम ठग लेते थे। जांच के दौरान अब तक तीन अलग-अलग ठगी के मामले सामने आए हैं, जिनमें आरोपियों ने करीब 10 लाख, 50 लाख और 1 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। पुलिस का मानना है कि ऐसे और भी कई मामले सामने आ सकते हैं।
इस पूरे ऑपरेशन को पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशन में अंजाम दिया गया। क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का पता लगाया और उन्हें पकड़ने के लिए झांसी भेजा गया, जहां से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जबलपुर लाया गया।
गिरफ्तार आरोपी फरीदाबाद जिले के निवासी हैं और आपस में एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने जबलपुर के पनागर क्षेत्र में किराए का मकान लेकर ठगी की रकम छिपाई थी। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने उक्त मकान से नकदी और अन्य सामान भी बरामद कर लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ थाना क्राइम में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।