24 जुलाई 2026
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नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग पर तनाव के बाद प्रशासन की मध्यस्थता से बनी सहमति

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नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग पर तनाव के बाद प्रशासन की मध्यस्थता से बनी सहमति

सारांश

गौतमबुद्धनगर के नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग पर हुए हंगामे के बाद, जिला प्रशासन और पुलिस की मध्यस्थता से श्रमिकों और प्रबंधन के बीच सहमति बनी। यह समझौता औद्योगिक शांति को बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

वेतन वृद्धि की मांग पर श्रमिकों का हंगामा हुआ।
जिला प्रशासन और पुलिस की मध्यस्थता से मामला सुलझा।
श्रमिकों की कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनी।
महिला श्रमिकों की सुरक्षा के लिए यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति का गठन होगा।
कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी।

नोएडा, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्धनगर के नोएडा के थाना फेस-२ क्षेत्र में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों द्वारा उत्पन्न हंगामे और पत्थरबाजी के बाद, अंततः जिला प्रशासन और पुलिस की सक्रिय मध्यस्थता से मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया गया।

इस औद्योगिक क्षेत्र में उत्पन्न अशांति को लेकर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें श्रमिकों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। यह बैठक जनपद गौतम बुद्ध नगर में औद्योगिक शांति पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। बैठक में प्रमुख रूप से मेसर्स रेनबो फैबर्ट, पैरामाउंट फैशन एंड स्टाइल्स, रिचा ग्लोबल, साहू एक्सपोर्ट और अनुभव अपैरल्स के प्रतिनिधि शामिल हुए।

जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), उप जिलाधिकारी दादरी, और पुलिस आयुक्त के निर्देश पर संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) और डीसीपी सेंट्रल नोएडा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस वार्ता का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान श्रमिकों ने अपनी विभिन्न मांगें प्रस्तुत कीं, जिनमें हरियाणा सरकार की तर्ज पर वेतन वृद्धि, ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से, साप्ताहिक अवकाश, नियमानुसार बोनस, महिला श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार, शिकायत निवारण व्यवस्था, और श्रमिक प्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने जैसी मांगें शामिल थीं।

प्रबंधन ने श्रमिकों की कई प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए सहमति जताई। यह तय किया गया कि ११ अप्रैल २०२६ से ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा और यदि रविवार को काम कराया जाता है, तो उसका भुगतान भी दोगुनी दर से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ३० नवंबर तक सभी श्रमिकों को बोनस उनके बैंक खातों में दिया जाएगा। महिला श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक फैक्ट्री में यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति का गठन किया जाएगा और नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी।

शिकायत निवारण के लिए शिकायत पेटी भी स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही यह भी तय हुआ कि आंदोलन में शामिल श्रमिक प्रतिनिधियों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी और किसी भी कार्रवाई से पहले जिला प्रशासन की अनुमति आवश्यक होगी। अपर श्रम आयुक्त ने श्रमिकों की वेतन वृद्धि की मांग को उच्च स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया है। श्रमिक प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि सभी कर्मचारी शांतिपूर्वक अपने घर लौटेंगे और पहले की तरह काम पर लौट आएंगे।

-- राष्ट्र प्रेस

पीकेटी/एएस

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या हंगामे का कारण वेतन वृद्धि थी?
हाँ, श्रमिकों द्वारा वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हंगामा हुआ था।
क्या प्रशासन ने स्थिति को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाए?
जिला प्रशासन और पुलिस ने सक्रिय मध्यस्थता की और श्रमिकों और प्रबंधन के बीच वार्ता आयोजित की।
समझौते के तहत श्रमिकों की मांगें क्या थीं?
श्रमिकों ने वेतन वृद्धि, ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, और महिला श्रमिकों के सम्मानजनक व्यवहार जैसी मांगें रखीं।
क्या महिला श्रमिकों की सुरक्षा के लिए कोई उपाय किए गए हैं?
हाँ, प्रत्येक फैक्ट्री में यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी।
क्या आंदोलन में शामिल श्रमिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी?
नहीं, आंदोलन में शामिल श्रमिकों के खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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