गौतमबुद्धनगर में आउटसोर्सिंग एजेंसियों के लिए कड़ी चेतावनी, उपद्रव पर सख्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। औद्योगिक शांति को बनाए रखने और शासन की गाइडलाइंस का सख्त पालन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन हुआ। यह बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय में संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आउटसोर्सिंग एजेंसियों को अपने कर्मचारियों और श्रमिकों को अनुशासित रखने की जिम्मेदारी उठानी होगी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों की सुचारूता में एजेंसियों और संविदाकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये न केवल उद्योगों को संचालित करते हैं बल्कि बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी प्रदान करते हैं।
जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि किसी भी एजेंसी या उसके कर्मचारी/श्रमिक ने उपद्रवी व्यवहार किया, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी पर होगी। ऐसे मामलों में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उसका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा।
बैठक में न्यूनतम वेतन पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित वेतनमान के अनुसार अकुशल श्रमिकों के लिए ₹13,690, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए ₹15,059 और कुशल श्रमिकों के लिए ₹16,868 प्रति माह वेतन निर्धारित किया गया है। सभी संविदाकारों को निर्देशित किया गया कि वे इन मानकों का कड़ाई से पालन करें और श्रमिकों के बैंक खातों में समय पर पूरा वेतन ट्रांसफर सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि उद्योग, श्रमिक और नियोजक- तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि किसी एक पक्ष पर असर पड़ता है, तो इसका सीधा प्रभाव अन्य पक्षों और समग्र आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। औद्योगिक गतिविधियों में व्यवधान से रोजगार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे क्षेत्रीय विकास प्रभावित होता है।
जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों और श्रमिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और आपसी समन्वय एवं विश्वास के साथ कार्य करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार श्रमिकों और नियोजकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन तत्पर रहेगा। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार, डीडी फैक्ट्री बृजेश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।