क्या गौतमबुद्धनगर में अवैध खनन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई हुई?
सारांश
Key Takeaways
- गौतमबुद्धनगर में अवैध खनन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई।
- 33 वाहन सीज किए गए और 12 लाख का जुर्माना लगाया गया।
- पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास।
- प्रशासन ने अवैध खनन करने वालों को दी चेतावनी।
- भविष्य में भी कार्रवाई जारी रहेगी।
नोएडा, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जनपद में अवैध खनन और उपखनिज के गैरकानूनी परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मेधा रूपम के आदेशों और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार के मार्गदर्शन में खनन विभाग निरंतर अभियान चला रहा है।
दिसंबर 2025 में, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जांच और प्रवर्तन की कार्रवाई की गई। जिला खनन अधिकारी उत्कर्ष त्रिपाठी ने बताया कि इस दौरान जेवर, दादरी, दनकौर, कासना जैसे क्षेत्रों में अवैध रूप से उपखनिज का परिवहन करते हुए कुल 33 वाहनों को पकड़ा गया और उन्हें संबंधित थानों में निरुद्ध किया गया।
इस दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 12 लाख 39 हजार 730 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे वसूली भी सुनिश्चित की गई। नए वर्ष की शुरुआत में, प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखी। 2 जनवरी 2026 को, डिप्टी कलेक्टर गौतम बुद्ध नगर, तहसीलदार दादरी, और खान अधिकारी की संयुक्त टीम ने तहसील दादरी के ग्राम रायपुर खादर स्थित खनन पट्टा क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान, नदी की जलधारा में अवैध खनन के स्पष्ट साक्ष्य मिले, जो पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के लिए गंभीर खतरा हैं। जांच में दोष सिद्ध होने पर संबंधित खनन पट्टा क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन के चलते 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन न केवल राजस्व की हानि करता है बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी गंभीर तरीके से प्रभावित करता है।
जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देशानुसार, जनपद में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। प्रशासन ने खनन कारोबार से जुड़े लोगों को चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई ढील नहीं दी जाएगी।