गौतमबुद्धनगर में औद्योगिक शांति के लिए हाई लेवल कमेटी ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों को दी चेतावनी

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गौतमबुद्धनगर में औद्योगिक शांति के लिए हाई लेवल कमेटी ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों को दी चेतावनी

सारांश

गौतमबुद्धनगर में हाई लेवल कमेटी ने औद्योगिक शांति और कानून-व्यवस्था को स्थिर रखने के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। श्रमिकों के अधिकारों और न्यूनतम वेतन का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

Key Takeaways

  • हाई लेवल कमेटी औद्योगिक शांति के लिए सक्रिय है।
  • आउटसोर्सिंग एजेंसियों को श्रमिकों के अधिकारों का पालन करना होगा।
  • उपद्रवी व्यवहार करने वाली एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
  • श्रमिकों का वेतन सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होगा।
  • श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए कॉल सेंटर स्थापित किया गया है।

गौतमबुद्धनगर, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्धनगर जिले में औद्योगिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए बनाई गई हाई लेवल कमेटी निरंतर सक्रिय है। इसी संदर्भ में बुधवार को कलेक्ट्रेट के सभागार में आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संविदाकारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त और कमेटी के अध्यक्ष दीपक कुमार ने की, जिसमें प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी और औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।

बैठक में कमेटी ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक इकाइयों के सुचारु संचालन और रोजगार सृजन में आउटसोर्सिंग एजेंसियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस स्थिति में, एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने श्रमिकों को अनुशासित रखें और उन्हें उचित प्रशिक्षण दें, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अशांति की स्थिति उत्पन्न न हो।

कमेटी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी एजेंसी या उसके श्रमिकों द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी पर होगी। ऐसे मामलों में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ उसका लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।

बैठक में श्रमिकों के अधिकारों और सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी एजेंसियां राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें। इस क्रम में, अकुशल श्रमिकों को ₹13,690, अर्धकुशल श्रमिकों को ₹15,059 और कुशल श्रमिकों को ₹16,868 प्रतिमाह वेतन देना अनिवार्य है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि श्रमिकों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

श्रम विभाग ने यह भी निर्देशित किया कि सभी श्रमिकों का जॉइनिंग के समय पुलिस सत्यापन कराया जाए और भविष्य निधि (पीएफ) एवं कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जैसी सुविधाओं का लाभ नियमानुसार दिया जाए। इससे श्रमिकों में संतोष बना रहेगा और औद्योगिक वातावरण स्थिर रहेगा।

इसके अलावा, श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए श्रम विभाग द्वारा एक स्थायी कॉल सेंटर स्थापित किया गया है। एजेंसियों को टोल-फ्री नंबर 9411900251 उपलब्ध कराया गया है, जिस पर किसी भी समस्या या आपात स्थिति में संपर्क किया जा सकता है।

बैठक में अधिकारियों ने कहा कि उद्योग, श्रमिक और नियोजक एक-दूसरे के पूरक हैं। औद्योगिक गतिविधियों के सुचारु संचालन से ही रोजगार के अवसर सुरक्षित रहते हैं और प्रदेश के विकास को गति मिलती है। सभी पक्षों से अपील की गई कि वे अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से दूर रहें तथा आपसी सहयोग और विश्वास के साथ कार्य करें।

हाई लेवल कमेटी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार श्रमिकों और उद्योगों दोनों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तत्परता से काम करेगा। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें सभी एजेंसियों ने शासन के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया।

Point of View

NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

गौतमबुद्धनगर में हाई लेवल कमेटी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
गौतमबुद्धनगर में औद्योगिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था को बनाए रखना हाई लेवल कमेटी का मुख्य उद्देश्य है।
बैठक में आउटसोर्सिंग एजेंसियों को क्या निर्देश दिए गए?
बैठक में आउटसोर्सिंग एजेंसियों को श्रमिकों के अधिकारों और न्यूनतम वेतन का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अगर कोई एजेंसी उपद्रवी व्यवहार करती है, तो क्या होगा?
यदि किसी एजेंसी द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाता है, तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और उसका लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।
श्रमिकों के वेतन का भुगतान कैसे किया जाएगा?
श्रमिकों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
श्रम विभाग ने श्रमिकों के लिए क्या सुविधाएं सुनिश्चित की हैं?
श्रम विभाग ने सभी श्रमिकों के लिए पुलिस सत्यापन और पीएफ, ईएसआई जैसी सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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