उपद्रवी श्रमिक व्यवहार पर एजेंसी की कार्रवाई: ब्लैकलिस्टिंग और लाइसेंस निरस्तीकरण
सारांश
Key Takeaways
- औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए सभी एजेंसियों को जिम्मेदारी लेनी होगी।
- उपद्रवी श्रमिक व्यवहार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- न्यूनतम वेतन का पालन अनिवार्य है।
- श्रमिकों के शोषण पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
- सरकार श्रमिकों और नियोजकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
गौतमबुद्धनगर, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जनपद में शासन की गाइडलाइंस का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने एवं औद्योगिक शांति को कायम रखने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकार उद्योग की गतिविधियों को संचालित करने और लोगों को रोजगार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस संदर्भ में, सभी आउटसोर्सिंग एजेंसी/संविदाकारों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने कार्मिकों और श्रमिकों के साथ मिलकर शांति व्यवस्था बनाए रखें।
डीएम ने निर्देश दिए कि सभी संविदाकार शासन की गाइडलाइंस का पूर्ण पालन करें। यदि किसी एजेंसी द्वारा या उनके कार्मिकों/श्रमिकों द्वारा किसी प्रकार का उपद्रवी व्यवहार किया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी एजेंसी पर भी आएगी। ऐसे मामलों में, उस एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और उसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।
जिलाधिकारी ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का उल्लेख करते हुए बताया कि अकुशल श्रमिक के लिए ₹13,690, अर्धकुशल श्रमिक के लिए ₹15,059 और कुशल श्रमिक के लिए ₹16,868 प्रतिमाह वेतन निर्धारित किया गया है। उन्होंने सभी संविदाकारों को निर्देशित किया कि वे इन वेतन मानकों का पालन सुनिश्चित करें और श्रमिकों के बैंक खातों में पूर्ण वेतन का हस्तांतरण करें। किसी भी प्रकार के नियमों का उल्लंघन या श्रमिकों का शोषण करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उद्योग, श्रमिक और नियोजक तीनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उद्योगों का सुचारु संचालन रोजगार के अवसरों को सुरक्षित रखता है, और नियोजकों की स्थिरता से श्रमिकों का भविष्य सुनिश्चित होता है। यदि औद्योगिक गतिविधियों में बाधा आती है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव सभी पक्षों के साथ-साथ प्रदेश के समग्र विकास पर पड़ता है।
डीएम ने सभी से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और औद्योगिक शांति बनाए रखते हुए एक-दूसरे के साथ सहयोग और विश्वास के साथ कार्य करें। जिलाधिकारी ने यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार श्रमिकों और नियोजकों दोनों के हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान में प्रशासन तत्परता से कार्य करेगा।