नोएडा में औद्योगिक शांति के लिए जिलाधिकारी की सशक्त पहल, कारखाना प्रबंधकों के साथ चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- बैठक में औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
- श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।
- गाइडलाइंस का अनुपालन अनिवार्य किया गया।
- यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति का गठन किया जाएगा।
- सभी श्रमिकों का वेतन समय पर दिया जाएगा।
गौतमबुद्धनगर, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जिले में औद्योगिक शांति, सौहार्दपूर्ण माहौल और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न उद्योगों के सेवायोजकों और कारखाना प्रबंधकों ने भाग लिया। बैठक के दौरान प्रशासन और उद्योग प्रबंधन के बीच संवाद करते हुए श्रमिक हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शासन द्वारा जारी सभी गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक कंपनी अपने नोटिस बोर्ड पर इन दिशा-निर्देशों को प्रदर्शित करे, ताकि श्रमिकों में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
बैठक में श्रमिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए कई बिंदुओं पर सहमति बनी। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी श्रमिक को बिना उचित कारण के नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। ओवरटाइम कार्य का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा, और इसमें किसी भी प्रकार की कटौती नहीं होगी। साथ ही, प्रत्येक श्रमिक को साप्ताहिक अवकाश देना अनिवार्य होगा। यदि किसी श्रमिक से रविवार को कार्य कराया जाता है, तो उसे भी दोगुना भुगतान किया जाएगा।
सभी श्रमिकों को नियमानुसार बोनस का भुगतान अधिकतम ३० नवंबर तक उनके बैंक खातों में किया जाएगा। प्रत्येक कारखाने में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्ष एक महिला होगी। श्रमिकों की शिकायतों के निस्तारण के लिए शिकायत पेटी भी स्थापित की जाएगी और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक श्रमिक का वेतन हर महीने की १० तारीख तक उनके बैंक खाते में एकमुश्त जमा किया जाए और उन्हें वेतन पर्ची भी उपलब्ध कराई जाए। आंदोलन में शामिल श्रमिकों के खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या सेवा समाप्ति की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से कारखानों का निरीक्षण करें और गाइडलाइंस के पालन की समीक्षा करें। किसी भी शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा के मद्देनजर, जिलाधिकारी ने सभी कारखानों के मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, श्रमिकों से अपील की गई कि वे अनुशासन बनाए रखें, अफवाहों से दूर रहें, और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और संवेदनशील तरीके से कार्य करेगा, ताकि जिले में औद्योगिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलती रहें।