जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कर्मचारियों के वेतन को हर महीने की 10 तारीख से पहले बैंक में जमा करने का किया ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- कर्मचारियों का वेतन हर महीने की 10 तारीख से पहले जमा होगा।
- वार्षिक बोनस नवंबर से पहले दिया जाएगा।
- महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए समितियों का गठन होगा।
- ओवरटाइम के लिए डबल भुगतान का प्रावधान।
- शिकायतों के लिए कॉल सेंटर और कंट्रोल रूम उपलब्ध हैं।
गौतमबुद्धनगर, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा में श्रमिक आंदोलनों और औद्योगिक असंतोष के बीच, जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी (डीएम) मेधा रूपम ने बताया कि राज्य सरकार और उच्च स्तरीय समिति ने श्रमिकों की एक प्रमुख मांग, जो कि वेतन वृद्धि थी, को मंजूरी दी है। इस निर्णय के परिणामस्वरूप, जिले के हजारों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
डीएम मेधा रूपम ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय श्रमिकों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि केवल वेतन वृद्धि नहीं, बल्कि श्रमिकों के हितों की रक्षा और उनके कार्यस्थल पर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी कंपनियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों का वेतन हर महीने की 10 तारीख से पहले उनके बैंक खातों में स्थानांतरित हो जाए। इसके साथ ही, कर्मचारियों को मिलने वाला वार्षिक बोनस भी हर वर्ष नवंबर से पहले दिया जाएगा।
श्रमिकों के अधिकारों को सशक्त करते हुए, प्रशासन ने ओवरटाइम और साप्ताहिक अवकाश के दिन काम करने पर डबल भुगतान का निर्देश दिया है। यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए राहत लाता है जो अतिरिक्त समय या छुट्टी के दिन काम करते हैं। महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। सभी संस्थानों में यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए समितियों का गठन अनिवार्य किया गया है।
इन समितियों की अध्यक्षता महिलाओं द्वारा की जाएगी, ताकि महिला कर्मचारियों को सुरक्षित और निष्पक्ष वातावरण मिल सके। इसके साथ ही, कार्यस्थलों पर शिकायत पेटियां भी स्थापित की जाएंगी, जिससे कर्मचारी अपनी समस्याएं आसानी से दर्ज करा सकें। डीएम ने यह भी बताया कि श्रमिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कॉल सेंटर और कंट्रोल रूम के नंबर जारी किए गए हैं। इन माध्यमों से कर्मचारी सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिनकी निगरानी प्रशासन द्वारा की जाएगी और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डीएम मेधा रूपम ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने श्रमिकों और उद्योग प्रबंधन दोनों से संवाद और सहयोग के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने का आग्रह किया, ताकि गौतमबुद्धनगर में औद्योगिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनी रहे।