चेन्नई में 18 जुलाई को मध्यम बारिश का अनुमान, पश्चिमी घाट जिलों में 23 जुलाई तक जारी रहेगी वर्षा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जुलाई, शनिवार की शाम चेन्नई में मध्यम वर्षा होने का अनुमान जताया है, साथ ही तमिलनाडु के पश्चिमी घाट जिलों में 23 जुलाई तक तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहने की संभावना व्यक्त की है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) के अनुसार, एक सक्रिय निम्न दबाव प्रणाली इस मौसमी गतिविधि की मुख्य वजह है।
मौसम प्रणाली का स्वरूप
RMC के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उत्तरी लक्षद्वीप क्षेत्र तक फैली एक निम्न दबाव प्रणाली वर्तमान में तमिलनाडु और आसपास के इलाकों के मौसम को प्रभावित कर रही है। इस प्रणाली के कारण विशेष रूप से पश्चिमी घाट पर वर्षा की गतिविधि बढ़ने की आशंका है।
पश्चिमी घाट और तटीय क्षेत्रों पर असर
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी घाट के पहाड़ी और आसपास के जिलों में 23 जुलाई तक मध्यम बारिश और तेज हवाएँ चलने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में हाल के दिनों में रुक-रुक कर वर्षा हो रही थी, और यह नई प्रणाली उसे और बल दे सकती है। तमिलनाडु के उत्तरी तटीय जिलों में भी शुक्रवार को मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
चेन्नई का मौसम पूर्वानुमान
चेन्नई में आंशिक बादल छाए रहने और शाम या रात के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। दिन के समय मौसम गर्म और उमस भरा रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान मौसमी सामान्य स्तर के निकट रह सकता है।
आंतरिक जिलों में गर्मी का प्रकोप
तमिलनाडु के आंतरिक क्षेत्रों में स्थिति अलग है — RMC ने बताया है कि इन जिलों में अधिकतम तापमान 21 जुलाई तक सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की आशंका है। वहीं, चेन्नई, पुडुचेरी और कराईकल सहित तटीय तमिलनाडु में तापमान मौसमी औसत के करीब रहने का अनुमान है।
विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक भारी वर्षा के कोई संकेत नहीं हैं। हालाँकि, छिटपुट बारिश और बादल छाए रहने से कुछ क्षेत्रों को गर्म और उमस भरे मौसम से अस्थायी राहत मिल सकती है। निवासियों को — विशेष रूप से उन जिलों में जहाँ तेज हवाएँ और रुक-रुक कर बारिश का अनुमान है — मौसम के ताज़ा पूर्वानुमानों से अपडेट रहने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मौसम प्रणाली की दिशा और तीव्रता पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।