तमिलनाडु में अप्रैल से पहले होंगे निकाय चुनाव, सेंगोट्टैयन बोले — सार्वजनिक परियोजनाओं में भ्रष्टाचार नहीं चलेगा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के राजस्व मंत्री सेंगोट्टैयन ने 18 जुलाई को कोयंबटूर में स्पष्ट किया कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव कानूनी समय-सीमा — अगले वर्ष अप्रैल — से पहले कराए जाएंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों और नगर प्रशासन में किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री सेंगोट्टैयन ने कोयंबटूर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। उनसे स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों और नागरिक बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में देरी को लेकर सवाल पूछे गए थे। उन्होंने कहा, "स्थानीय निकाय चुनाव कराने की कानूनी समय-सीमा अगले साल अप्रैल तक है। हमारे पास पर्याप्त समय है और उसी के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।"
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा निकायों का कार्यकाल अप्रैल तक है, इसलिए चुनाव कराने में कोई असामान्य जल्दबाजी नहीं है — लेकिन तैयारियाँ समय पर शुरू की जाएंगी।
रेस कोर्स रोड परियोजना और टेंडर विवाद
कोयंबटूर के रेस कोर्स रोड विकास परियोजना का संदर्भ देते हुए मंत्री ने बताया कि अतिरिक्त धनराशि की मंजूरी से जुड़ी प्रक्रियागत समस्याओं के कारण फिलहाल टेंडर प्रक्रिया रोक दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना ठोस कारण के किसी भी नागरिक परियोजना का टेंडर रद्द नहीं किया जा सकता।
मंत्री ने कहा, "जब तक मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं, तब तक सार्वजनिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की गलती नहीं होनी चाहिए। हर प्रशासनिक फैसला पूरी सावधानी और कानून के अनुसार लिया जा रहा है।"
सरकार की प्रतिक्रिया और पारदर्शिता का वादा
सेंगोट्टैयन ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के सभी फैसले राजनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि कानूनी और प्रशासनिक आधार पर लिए जाते हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ नागरिक परियोजनाओं में देरी और टेंडर प्रक्रिया को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे थे।
परिवहन और नशा-तस्करी पर भी बोले मंत्री
परिवहन क्षेत्र पर मंत्री ने निजी ओमनी बस संचालकों द्वारा सरकार द्वारा तय किराए पर सेवाएं देने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहले बस संचालकों को अनावश्यक खर्च उठाना पड़ता था, लेकिन अब उन्होंने सरकारी दरों पर बसें चलाने पर सहमति जताई है — जो यात्रियों और संचालकों दोनों के लिए सकारात्मक कदम है।
नशीले पदार्थों की तस्करी के मुद्दे पर मंत्री ने बताया कि तमिलनाडु और केरल सरकारें मिलकर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत करने के लिए समन्वित कार्रवाई कर रही हैं।
क्या होगा आगे
निकाय चुनावों की औपचारिक अधिसूचना के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की भूमिका निर्णायक होगी। रेस कोर्स रोड परियोजना की टेंडर प्रक्रिया धनराशि संबंधी मंजूरी मिलते ही दोबारा शुरू होने की संभावना है। सरकार की पारदर्शिता की प्रतिबद्धता की असली परीक्षा इन्हीं लंबित परियोजनाओं के क्रियान्वयन में होगी।