18 जुलाई 2026
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तमिलनाडु के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की 1,500 नई सीटें, फार्मेसी में भी 700 सीटें जुड़ेंगी

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तमिलनाडु के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की 1,500 नई सीटें, फार्मेसी में भी 700 सीटें जुड़ेंगी

सारांश

तमिलनाडु सरकार ने 14 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की 1,500 और फार्मेसी की 700 से अधिक सीटें जोड़ने की योजना बनाई है — जहाँ फीस निजी कॉलेजों के मुकाबले दस गुना कम है। यह कदम देश में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की बढ़ती कमी को दूर करने की दिशा में राज्य का अब तक का सबसे बड़ा प्रयास है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार अगले शैक्षणिक वर्ष से 14 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की लगभग 1,500 नई सीटें जोड़ेगी।
अभी राज्य के छह सरकारी कॉलेजों में कुल 510 सीटें हैं; सरकारी वार्षिक फीस मात्र ₹13,750 , जबकि निजी कॉलेजों में ₹1.20 लाख तक।
विस्तार में वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई, धर्मपुरी, तिरुनेलवेली, तिरुचिरापल्ली और नमक्कल के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
इसी कार्यक्रम के तहत फार्मेसी पाठ्यक्रमों में 700 से अधिक सीटें भी जोड़ी जाएंगी।
कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, छात्रावास और संकाय भर्ती का काम जारी; नियामक अनुमोदन प्रक्रिया भी चल रही है।

तमिलनाडु सरकार ने अगले शैक्षणिक वर्ष से राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की लगभग 1,500 नई सीटें जोड़ने की योजना बनाई है। 18 जुलाई 2026 को सामने आई इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की बढ़ती राष्ट्रीय माँग को पूरा करते हुए नर्सिंग शिक्षा को आर्थिक रूप से सुलभ बनाना है। इसके साथ ही फार्मेसी पाठ्यक्रमों में 700 से अधिक अतिरिक्त सीटें भी इसी विस्तार कार्यक्रम के तहत जोड़ी जाएंगी।

मौजूदा स्थिति और विस्तार की ज़रूरत

वर्तमान में तमिलनाडु के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की कुल 510 सीटें उपलब्ध हैं। इन संस्थानों में वार्षिक ट्यूशन शुल्क मात्र ₹13,750 है, जबकि निजी कॉलेजों में यही शुल्क ₹1.20 लाख प्रति वर्ष तक पहुँच जाता है। यह भारी अंतर ही सरकारी सीटों की माँग को लगातार बढ़ाता रहा है। छात्रों और अभिभावकों की ओर से सरकारी नर्सिंग सीटें बढ़ाने की लंबे समय से चली आ रही माँग के जवाब में यह विस्तार किया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम: किन कॉलेजों में मिलेंगी नई सीटें

प्रस्तावित योजना के तहत तमिलनाडु भर के 14 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। विस्तार के लिए चिह्नित संस्थानों में वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई, धर्मपुरी, तिरुनेलवेली, तिरुचिरापल्ली और नमक्कल के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टरेट के अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने विभाग को स्नातक स्तर के चिकित्सा, दंत चिकित्सा और पैरामेडिकल कार्यक्रमों में भी सीटें बढ़ाने का निर्देश दिया है।

पिछली पहलों से क्या अलग है यह कदम

गौरतलब है कि पूर्ववर्ती द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार के कार्यकाल में राज्य में 10 नए फार्मेसी और नर्सिंग कॉलेज स्थापित करने की प्रारंभिक कार्यवाही शुरू की गई थी। हालाँकि, वे प्रस्ताव क्रियान्वयन के चरण तक नहीं पहुँच सके। मौजूदा सरकार ने उस अधूरे काम को आगे बढ़ाते हुए नर्सिंग और फार्मेसी शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को नए सिरे से विस्तार देने का निर्णय लिया है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में प्रशिक्षित नर्सों की कमी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है।

आम जनता पर असर

अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा और नर्सिंग में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए अवसर बढ़ेंगे। योग्य नर्सों और संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों की बड़ी संख्या तैयार होने से राज्य के स्वास्थ्य सेवा तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।

क्या होगा आगे

अधिकारी फिलहाल आवश्यक बुनियादी ढाँचे — कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, छात्रावास सुविधाएँ और अन्य शैक्षणिक संसाधन — तैयार करने में जुटे हैं। पाठ्यक्रम शुरू होने से पूर्व संस्थानों द्वारा नियामक आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संकाय सदस्यों और शिक्षण स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। यह विस्तार यदि समय पर लागू होता है, तो तमिलनाडु सरकारी नर्सिंग सीटों के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति में है — पूर्ववर्ती सरकार के 10 नए नर्सिंग कॉलेजों का प्रस्ताव भी इसी तरह घोषित हुआ था और लागू नहीं हो सका। 1,500 सीटों के लिए पर्याप्त प्रशिक्षित संकाय, मान्यता-प्राप्त क्लिनिकल प्रशिक्षण स्थल और छात्रावास सुविधाएँ एक साथ तैयार करना एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है। यदि बुनियादी ढाँचा सीटों की घोषणा के साथ कदम नहीं मिला पाया, तो नई सीटें केवल काग़ज़ पर रह जाएंगी और छात्रों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में बीएससी नर्सिंग की 1,500 नई सीटें कब से मिलेंगी?
ये सीटें अगले शैक्षणिक वर्ष से शुरू करने की योजना है। अधिकारी अभी बुनियादी ढाँचे और संकाय भर्ती पर काम कर रहे हैं, और संस्थानों को नियामक अनुमोदन लेना भी बाकी है।
तमिलनाडु के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में फीस कितनी है?
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की वार्षिक ट्यूशन फीस मात्र ₹13,750 है। यह निजी कॉलेजों की ₹1.20 लाख तक की वार्षिक फीस की तुलना में बहुत कम है।
किन कॉलेजों में नई नर्सिंग सीटें जोड़ी जाएंगी?
14 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव है। इनमें वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई, धर्मपुरी, तिरुनेलवेली, तिरुचिरापल्ली और नमक्कल के कॉलेज शामिल हैं।
क्या इस विस्तार में फार्मेसी सीटें भी शामिल हैं?
हाँ, इसी विस्तार कार्यक्रम के तहत फार्मेसी पाठ्यक्रमों में भी 700 से अधिक नई सीटें जोड़ने की योजना है। पैरामेडिकल और स्नातक स्तर के दंत चिकित्सा कार्यक्रमों में भी सीटें बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस योजना से पहले तमिलनाडु में नर्सिंग सीटों की क्या स्थिति थी?
पहले राज्य के केवल छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की कुल 510 सीटें थीं। पूर्ववर्ती सरकार ने 10 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने की शुरुआत की थी, लेकिन वह प्रस्ताव क्रियान्वयन तक नहीं पहुँच सका।
राष्ट्र प्रेस
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