तमिलनाडु RTE दाखिले 2026-27: 24,868 बच्चों को मिला प्रवेश, निजी स्कूलों से फीस ब्यौरा तलब
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु सरकार ने शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत 2026-27 शैक्षणिक वर्ष के लिए 24,868 छात्रों के प्रवेश की पुष्टि कर दी है। शिक्षा अधिकारियों के अनुसार, अभिभावकों द्वारा औपचारिकताएँ पूरी किए जाने के साथ इस सप्ताह के अंत तक यह आँकड़ा और बढ़ने की संभावना है।
मुख्य आँकड़े और आवेदन
मैट्रिकुलेशन स्कूलों के निदेशालय के अनुसार, राज्यभर के 7,740 निजी स्कूलों में RTE कोटा के तहत उपलब्ध 82,888 सीटों के लिए कुल 2,51,537 आवेदन प्राप्त हुए। यानी प्रत्येक उपलब्ध सीट के लिए औसतन तीन से अधिक दावेदार रहे, जो योजना की भारी माँग को दर्शाता है।
RTE अधिनियम के तहत निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए प्रवेश स्तर की 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमज़ोर और वंचित वर्गों के बच्चों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है।
ग्रामीण क्षेत्रों से और पुष्टि की उम्मीद
शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिलों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है और विशेषकर ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों से अधिक पुष्टिकरण की उम्मीद है, जहाँ अभिभावकों को दस्तावेज़ीकरण और स्कूल की औपचारिकताओं को पूरा करने में अतिरिक्त समय लग सकता है।
अधिकारी ने कहा, “मंगलवार दोपहर तक अभिभावकों की स्वीकृति के आधार पर 24,868 सीटें पुष्ट हो चुकी थीं। हमें उम्मीद है कि सप्ताहांत तक यह संख्या और बढ़ जाएगी, क्योंकि शेष चयनित उम्मीदवार प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।”
उल्लेखनीय है कि पिछले शैक्षणिक वर्ष में तमिलनाडु भर में इस योजना के तहत कुल 63,991 सीटें भरी गई थीं। ऐसे में मौजूदा रुझान को कार्यान्वयन में स्थिर प्रगति के रूप में देखा जा रहा है।
निजी स्कूलों की फीस पर शिकंजा
इस बीच राज्य सरकार ने निजी स्कूलों में शुल्क वसूली प्रथाओं की निगरानी मज़बूत करने के लिए एक समानांतर अभियान शुरू किया है। मैट्रिकुलेशन स्कूलों के निदेशालय ने जिला और क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राज्य में संचालित सभी निजी शिक्षण संस्थानों से शुल्क संरचना का विवरण एकत्र करें।
यह कदम तमिलनाडु शुल्क निर्धारण समिति के निर्देशों के बाद उठाया गया है, जो निजी स्कूलों में फीस वसूली को विनियमित करती है। एक आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, अधिकारियों को मैट्रिकुलेशन, CBSE और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से संबद्ध स्कूलों से जानकारी जुटाने को कहा गया है।
2009 के क़ानून के तहत कार्रवाई
यह अभियान तमिलनाडु स्कूल (शुल्क वसूली विनियमन) अधिनियम, 2009 के तहत चलाया जा रहा है। अधिकारियों को चालू शैक्षणिक वर्ष के लिए स्वीकृत शुल्क संरचनाओं का विवरण संकलित करने और समीक्षा के लिए समिति को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
जिला मुख्य शिक्षा अधिकारियों को डेटा संकलन प्रक्रिया के समन्वय और सभी पात्र विद्यालयों से प्राप्त जानकारी बिना विलंब के भेजने का दायित्व सौंपा गया है।
आगे क्या
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह पहल स्कूल फीस वसूली में पारदर्शिता बढ़ाने और निजी शिक्षण संस्थानों को नियंत्रित करने वाले वैधानिक नियमों के कड़ाई से अनुपालन के लिए सरकार के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। आने वाले दिनों में RTE दाखिलों की अंतिम संख्या और फीस ब्यौरों की समीक्षा रिपोर्ट दोनों पर नज़र रहेगी।