ऋषि कपूर की जयंती पर नीतू और ऋद्धिमा की भावुक श्रद्धांजलि, सुभाष घई ने साझा किया 'कर्ज' वाला अनमोल किस्सा
सारांश
मुख्य बातें
दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की 4 सितंबर को जयंती पर उनके परिवार और फिल्म जगत के दिग्गजों ने भावुक होकर उन्हें याद किया। उनकी पत्नी नीतू कपूर, बेटी ऋद्धिमा कपूर साहनी और फिल्मकार सुभाष घई ने सोशल मीडिया पर अपनी यादें साझा कर इस 'चॉकलेटी हीरो' को श्रद्धा के फूल चढ़ाए।
सुभाष घई का भावुक किस्सा
फिल्मकार सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर नीतू और ऋषि कपूर के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा की। साथ ही उन्होंने 1980 में बनी फिल्म 'कर्ज' से जुड़ा एक यादगार वाकया बयान किया। उन्होंने लिखा कि 2010 में रात के ढाई बजे उनके फोन की घंटी बजी और दूसरी तरफ से ऋषि कपूर की आवाज़ आई — 'साला, तुम क्या पिक्चर बनाया है!!' जब घई ने पूछा कौन सी, तो ऋषि बोले — 'अरे हमारी कर्ज, अभी फिर देखी। अब तू सो जा।' और फोन काट दिया।
घई ने लिखा, 'ऐसा सिर्फ ऋषि कपूर ही कर सकते थे।' उन्होंने आगे कहा कि 1972 से 1999 तक ऋषि पर्दे पर सबसे चार्मिंग रोमांटिक स्टार थे, और बाद में उन्होंने विविध किरदार निभाकर अपनी वर्सेटिलिटी से हर फिल्मकार को हैरान कर दिया।
ऋद्धिमा की भावुक श्रद्धांजलि
ऋद्धिमा कपूर साहनी ने अपने पिता को याद करते हुए लिखा, 'जन्मदिन मुबारक पापा। आज आपके लिए सितारे थोड़ा और ज़्यादा चमकेंगे, मैं आपको हर दिन याद करती हूँ।' ये शब्द उस बेटी की तड़प को बयान करते हैं जो अपने पिता की विरासत को आज भी दिल में संजोए हुए है।
नीतू कपूर की इंस्टाग्राम श्रद्धांजलि
अभिनेत्री नीतू कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पति की तस्वीर साझा कर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। सुभाष घई ने भी नीतू की तारीफ करते हुए लिखा, 'नीतू को सलाम है और मुझे ये जोड़ी बहुत पसंद है। हैप्पी बर्थडे चिंटू।'
ऋषि कपूर: एक अमिट विरासत
ऋषि कपूर का जन्म 4 सितंबर 1952 को मुंबई में हुआ था। वे महान अभिनेता-फिल्मकार राज कपूर के पुत्र और पृथ्वीराज कपूर के पौत्र थे — यानी भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित परिवार की तीसरी पीढ़ी। उन्होंने रोमांटिक नायक से लेकर जटिल और नकारात्मक किरदारों तक हर भूमिका में अपनी अमिट छाप छोड़ी। यह ऐसे समय में याद आता है जब कपूर परिवार की विरासत भारतीय सिनेमा में अब भी उतनी ही प्रासंगिक बनी हुई है।
गौरतलब है कि ऋषि कपूर का निधन 30 अप्रैल 2020 को हुआ था, लेकिन उनकी यादें और उनका काम आज भी उनके चाहने वालों के दिलों में ज़िंदा हैं।