रोहित यादव पर 2 साल का बैन: उम्र में 27 महीने की गड़बड़ी, CAB की जांच में 3 अलग जन्म प्रमाण पत्र मिले
सारांश
मुख्य बातें
भारत की अंडर-19 पुरुष क्रिकेट टीम के लेग-स्पिनर रोहित यादव पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) की जांच में यादव के जन्म-संबंधी दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं, जिसके चलते उन्हें क्रिकेट के सभी प्रारूपों में खेलने से रोक दिया गया है। यह कार्रवाई 4 सितंबर को सामने आई।
मुख्य घटनाक्रम
यादव जुलाई में श्रीलंका दौरे पर गई भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा थे और उन्होंने यूथ टेस्ट में 6 विकेट लिए थे। हालांकि, दस्तावेजों की जांच में गंभीर खामियाँ उजागर होने के बाद अब उन्हें उस टीम से भी बाहर कर दिया गया है, जो इस महीने के अंत में राजकोट और अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ पाँच वनडे और दो मल्टी-डे मैच खेलने वाली थी।
दस्तावेजों में क्या मिला
CAB की जांच में यादव के तीन अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र सामने आए, जिनमें जन्म वर्ष क्रमशः 2006, 2007 और 2009 दर्ज है। इसके अलावा, 2014 से 2021 के बीच उनके आधार कार्ड की जानकारी में भी कई बार बदलाव किए गए थे। इन परस्पर विरोधी रिकॉर्ड के कारण उनकी वास्तविक उम्र को लेकर करीब 27 महीने का अंतर सामने आया है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक सूत्र ने शुक्रवार को बताया, 'हाँ, CAB से जानकारी मिलने के बाद उन्हें टीमों से हटा दिया गया है। दोनों टीमों में उनकी जगह कौन लेगा, इस बारे में बाद में पता चलेगा।'
CAB की व्यापक कार्रवाई
यह प्रतिबंध केवल रोहित यादव तक सीमित नहीं है। CAB ने उम्र में गड़बड़ी और दस्तावेजी अनियमितताओं के आधार पर कुल 65 खिलाड़ियों को 2026–27 और 2027–28 घरेलू सीजन के लिए पंजीकरण या ट्रांसफर से रोक दिया है।
सजा पाने वालों में अंडर-19 विश्व कप 2022 विजेता टीम के सदस्य रवि कुमार भी शामिल हैं। बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 34 रन देकर 4 विकेट लेकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। CAB की जांच में उनके रिकॉर्ड में 45 महीने का अंतर पाया गया है, जिसके चलते 2021/22 से 2025/26 सीजन के बीच जूनियर और आयु-वर्ग प्रतियोगिताओं में उनके सभी आँकड़े अमान्य माने जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, बंगाल के लिए तीन फर्स्ट-क्लास और दो लिस्ट-ए मैच खेल चुके स्पिन ऑलराउंडर विशाल भट्टी के खिलाफ भी इसी तरह के आरोपों के आधार पर कार्रवाई की गई है।
आम जनता और क्रिकेट जगत पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट में आयु-धोखाधड़ी की समस्या लंबे समय से चर्चा में रही है। गौरतलब है कि BCCI और राज्य क्रिकेट संघों ने पिछले कुछ वर्षों में आयु-सत्यापन प्रक्रिया को सख्त करने के प्रयास किए हैं, लेकिन इस पैमाने की कार्रवाई असाधारण मानी जा रही है।
क्या होगा आगे
BCCI सूत्रों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 सीरीज के लिए यादव की जगह लेने वाले खिलाड़ी का नाम शीघ्र घोषित किया जाएगा। CAB की यह जांच भारतीय जूनियर क्रिकेट में आयु-सत्यापन तंत्र की विश्वसनीयता पर नए सवाल खड़े करती है।