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ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीश फोरम: रूस के इगोर क्रास्नोव नई दिल्ली पहुंचे, AI और न्याय पर होगी चर्चा

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ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीश फोरम: रूस के इगोर क्रास्नोव नई दिल्ली पहुंचे, AI और न्याय पर होगी चर्चा

सारांश

नई दिल्ली में 4 से 6 सितंबर तक आयोजित ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीश फोरम में रूस, ईरान सहित दस से अधिक देशों के न्यायिक प्रमुख जुटे हैं। फोरम का केंद्रीय विषय न्यायपालिका में AI का उपयोग है — यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत वैश्विक न्यायिक सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास है।

मुख्य बातें

रूस के मुख्य न्यायाधीश इगोर क्रास्नोव 4 सितंबर को ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीश फोरम में भाग लेने नई दिल्ली पहुंचे।
फोरम की मेजबानी भारत का सर्वोच्च न्यायालय 4 से 6 सितंबर तक कर रहा है।
फोरम के मुख्य विषयों में न्यायपालिका में AI , अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और सतत विकास शामिल हैं।
ईरान के न्यायपालिका प्रमुख आयतुल्ला गुलाम-हुसैन मोहसनी-एजेई भी फोरम में उपस्थित हुए।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने रूस, चीन, मिस्र सहित 10 देशों के न्यायिक प्रमुखों से द्विपक्षीय बैठकें कीं।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' विषय पर आधारित है।

रूस के मुख्य न्यायाधीश इगोर क्रास्नोव 4 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचे, जहाँ वे ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीश फोरम में भाग लेंगे। हवाई अड्डे पर भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह फोरम 4 से 6 सितंबर तक भारत के सर्वोच्च न्यायालय की मेजबानी में आयोजित हो रहा है।

फोरम का एजेंडा और मुख्य विषय

भारत में रूसी दूतावास द्वारा टेलीग्राम पर जारी बयान के अनुसार, क्रास्नोव अपनी यात्रा के दौरान ब्रिक्स सदस्य देशों के न्यायिक प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे, जिनका उद्देश्य आपसी कानूनी सहयोग को और सुदृढ़ करना है।

सर्वोच्च न्यायालय के बयान के अनुसार, फोरम के मुख्य सत्र चार प्रमुख विषयों पर केंद्रित होंगे — अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों में मध्यस्थता की भूमिका, सीमा पार मध्यस्थता पुरस्कारों के क्रियान्वयन की चुनौतियाँ, न्यायपालिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल नवाचार का उपयोग, तथा सतत विकास एवं पर्यावरणीय शासन में न्यायपालिका की भूमिका।

ईरान के न्यायपालिका प्रमुख की भी नई दिल्ली में उपस्थिति

ईरान के न्यायपालिका प्रमुख आयतुल्ला गुलाम-हुसैन मोहसनी-एजेई भी फोरम में भाग लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। उन्होंने जामा मस्जिद में नमाज अदा की और मस्जिद के इमाम मौलाना सैयद शाबान बुखारी से मुलाकात की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में विभिन्न धर्मों के इस्लामी विद्वानों और धार्मिक नेताओं के साथ संवाद किया।

भारत के मुख्य न्यायाधीश की द्विपक्षीय बैठकें

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने शुक्रवार को रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, बेलारूस, कजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ईरान और उज्बेकिस्तान के न्यायिक प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार, ये बैठकें पारस्परिक हितों के मुद्दों पर सीधे संवाद और न्यायिक सहयोग को मजबूती देने का अवसर हैं।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता और व्यापक संदर्भ

यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' विषय पर आधारित है। गौरतलब है कि यह दृष्टिकोण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 रियो शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत 'जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम' सोच को प्रतिबिंबित करता है। फोरम के दूसरे दिन सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुख न्यायिक संस्थानों से जुड़े साझा हितों के विषयों पर अपने विचार रखेंगे।

न्यायपालिका में AI के उपयोग पर यह उच्चस्तरीय बहस वैश्विक न्यायिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है — आने वाले दिनों में इस फोरम के निष्कर्ष ब्रिक्स देशों की न्यायिक नीति को नई दिशा दे सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि इन सत्रों के निष्कर्ष बाध्यकारी सहयोग में बदलते हैं या केवल घोषणापत्रों तक सिमट जाते हैं। रूस और ईरान जैसे देशों के न्यायिक प्रमुखों की एक साथ उपस्थिति फोरम को राजनयिक महत्व देती है, पर यह सवाल भी उठाती है कि क्या न्यायिक स्वतंत्रता के मानदंडों पर कोई साझा जमीन बन सकती है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीश फोरम क्या है और यह कहाँ हो रहा है?
ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीश फोरम ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के न्यायिक प्रमुखों का एक उच्चस्तरीय मंच है। यह फोरम 4 से 6 सितंबर तक नई दिल्ली में भारत के सर्वोच्च न्यायालय की मेजबानी में आयोजित हो रहा है।
इगोर क्रास्नोव की नई दिल्ली यात्रा का उद्देश्य क्या है?
रूस के मुख्य न्यायाधीश इगोर क्रास्नोव ब्रिक्स फोरम में भाग लेने के साथ-साथ ब्रिक्स सदस्य देशों के न्यायिक प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य कानूनी सहयोग को और मजबूत करना है।
फोरम में किन विषयों पर चर्चा होगी?
फोरम के मुख्य सत्र चार विषयों पर केंद्रित होंगे — अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक विवादों में मध्यस्थता, सीमा पार मध्यस्थता पुरस्कारों का क्रियान्वयन, न्यायपालिका में AI और डिजिटल नवाचार, तथा सतत विकास में न्यायपालिका की भूमिका।
भारत के मुख्य न्यायाधीश ने किन देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की?
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने रूस, चीन, मिस्र, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, बेलारूस, कजाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, ईरान और उज्बेकिस्तान के न्यायिक प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय क्या है?
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' विषय पर आधारित है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 रियो शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत 'जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम' दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है।
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