भारत और रूस की संयुक्त राष्ट्र पर महत्वपूर्ण बैठक: आतंकवाद और शांति पर चर्चा

Click to start listening
भारत और रूस की संयुक्त राष्ट्र पर महत्वपूर्ण बैठक: आतंकवाद और शांति पर चर्चा

सारांश

भारत और रूस ने नई दिल्ली में यूएन पर अपनी 7वीं परामर्श बैठक में आतंकवाद, शांति स्थापना और यूएनएससी सुधार पर महत्वपूर्ण चर्चा की। जानिए इस बैठक के प्रमुख बिंदुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • भारत और रूस के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
  • बैठक में आतंकवाद और शांति पर गहन चर्चा हुई।
  • रूस ने भारत की यूएनएससी में स्थायी सदस्यता का समर्थन किया।
  • दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात कही।
  • बैठक में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर कन्वेंशन को अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत और रूस ने मंगलवार को नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र पर अपनी 7वीं परामर्श बैठक आयोजित की। इस बैठक में आतंकवाद-रोधी प्रयासों, शांति स्थापना और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।

इस बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय (एमईए) के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और रूस के उप विदेश मंत्री अलेक्जेंडर अलीमोव ने की। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव और अन्य अधिकारी भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए।

एमईए के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए बताया, ''दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी प्राथमिकताओं को साझा किया। चर्चा का मुख्य फोकस यूएनएससी के एजेंडे पर था, जिसमें विशेष रूप से आतंकवाद-रोधी उपाय, शांति स्थापना और यूएनएससी सुधार जैसे मुद्दे शामिल थे।''

रूस ने पहले भी यह स्पष्ट किया है कि भारत, ब्राजील और अफ्रीकी देशों को यूएनएससी में स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए ताकि वैश्विक प्रतिनिधित्व में सुधार हो सके।

पिछले महीने, सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में अलेक्जेंडर अलीमोव से मुलाकात की थी, जब वे एआई इंपैक्ट सम‍िट में भाग लेने भारत आए थे।

दिसंबर में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली में 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान बातचीत की। दोनों नेताओं ने यूएनएससी में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि यह वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार अधिक प्रतिनिधित्व वाला, प्रभावी और सक्षम बन सके।

रूस ने यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के ढांचे में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन को जल्द अंतिम रूप देने और उसे अपनाने की बात की।

उन्होंने आतंकवाद और उससे जुड़े प्रभाव का मुकाबला करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के प्रस्तावों को लागू करने की बात भी की।

संयुक्त बयान में उल्लेख किया गया कि दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और उग्रवाद के सभी रूपों के खिलाफ सख्त लड़ाई की अपील की। उन्होंने इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आधार पर हो, और जिसमें कोई छिपा एजेंडा या दोहरे मानदंड न हों।

Point of View

विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र के संदर्भ में। दोनों देशों ने आतंकवाद और शांति स्थापना के मुद्दों पर समान विचार व्यक्त किए हैं। यह वैश्विक स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत और रूस की बैठक में कौन-कौन से मुद्दों पर चर्चा की गई?
बैठक में आतंकवाद-रोधी प्रयास, शांति स्थापना और यूएनएससी सुधार पर चर्चा की गई।
यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता पर रूस का क्या रुख है?
रूस ने भारत की यूएनएससी में स्थायी सदस्यता के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की है।
बैठक में किन प्रमुख नेताओं ने भाग लिया?
बैठक में भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज और रूस के उप विदेश मंत्री अलेक्जेंडर अलीमोव शामिल थे।
क्या बैठक में आतंकवाद के खिलाफ कोई नीति तय की गई?
हां, दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
बैठक का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र में सुधार और आतंकवाद-रोधी प्रयासों पर चर्चा करना था।
Nation Press