ब्रिक्स समिट 2026: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने की तैयारियों की समीक्षा, 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होगा आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 20 अगस्त 2026 को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह सम्मेलन 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होना है, और भारत इस बार चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता करने जा रहा है। बैठक में सभी संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय और समय पर कार्य पूरा करने पर विशेष बल दिया गया।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
उपराज्यपाल संधू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने राष्ट्रीय विज़न और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए समिट के लिए दिल्ली के चयन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने विभिन्न स्तरों पर एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि वे प्रमुख स्थलों और यातायात मार्गों पर सुचारू यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, शहर के रखरखाव और आपातकालीन चिकित्सा तैयारियों को सुनिश्चित करें। संधू ने कहा कि 'अतिथि देवो भव:' की सदियों पुरानी भारतीय परंपरा के अनुरूप दिल्ली सभी प्रतिनिधियों का व्यवस्थित, सुरक्षित और गर्मजोशी भरा स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का महत्व
भारत इस वर्ष 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है और यह चौथा अवसर है जब भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाल रहा है। इस बार सम्मेलन के प्रमुख विषयों में आर्थिक सहयोग, वैश्विक शासन सुधार, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और सतत विकास शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर बहुध्रुवीय व्यवस्था की माँग तेज़ हो रही है और विकासशील देश पश्चिमी-केंद्रित संस्थाओं के विकल्प तलाश रहे हैं।
अन्य एजेंसियों की तैयारियाँ
15 अगस्त को नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने एनडीएमसी टीम से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता, व्यावसायिकता और तत्परता के साथ तैयार रहने का आह्वान किया था। इससे स्पष्ट है कि राजधानी के विभिन्न निकाय इस आयोजन को सफल बनाने के लिए समन्वित प्रयास कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
18 अगस्त को मुंबई में ब्राज़ील के कॉन्सल जनरल जोस मौरो दा फोंसेका कोस्टा कौटो ने कहा कि ब्रिक्स बैठक की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें यूरोपीय या पश्चिमी देशों के हस्तक्षेप के बिना शीर्ष सरकारी अधिकारियों को आपस में विचार-विमर्श का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि इस मंच पर दुनिया को बेहतर बनाने, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के कामकाज में सुधार, वनों और जल-संसाधनों के संरक्षण तथा विकासशील देशों के बीच व्यापार को प्रोत्साहन देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद संभव होता है।
आगे की राह
सम्मेलन में 12-13 सितंबर 2026 तक तीन सप्ताह से भी कम समय बचा है, ऐसे में दिल्ली प्रशासन तेज़ी से अंतिम तैयारियों में जुटा है। सुरक्षा, यातायात और आतिथ्य व्यवस्था की नियमित समीक्षा जारी रहेगी ताकि इस वैश्विक कूटनीतिक आयोजन को भारत की प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक बनाया जा सके।