ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: दिल्ली एलजी संधू ने ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय पहुँचकर यातायात तैयारियों की समीक्षा की
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने सोमवार, 31 अगस्त 2026 को तुगलकाबाद रोड स्थित दिल्ली ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय, तोड़ापुर का औचक दौरा किया और राजधानी में आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनज़र यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक जाम की समस्या पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष, शासन प्रमुख, विदेशी गणमान्य व्यक्ति और वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिससे राजधानी की यातायात व्यवस्था पर असाधारण दबाव पड़ने की संभावना है।
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए विशेष यातायात योजना
बैठक में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने उपराज्यपाल को सम्मेलन के लिए तैयार की जा रही विशेष यातायात व्यवस्था की रूपरेखा प्रस्तुत की। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि विदेशी नेताओं, गणमान्य व्यक्तियों, प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही के लिए तकनीक-आधारित और पूर्णतः सुरक्षित व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो।
समन्वय और सख्ती पर जोर
संधू ने वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें, ताकि राजधानी में यातायात प्रवाह अधिक सुचारु बनाया जा सके। उन्होंने सड़क नियमों के सख्त पालन और ट्रैफिक जाम वाले प्रमुख स्थानों पर सक्रिय निगरानी एवं प्रबंधन की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।
उपराज्यपाल ने कहा, 'सुरक्षित सड़कें, बेहतर यातायात व्यवस्था और लोगों का विश्वास बढ़ाने के लिए नागरिकों की भागीदारी तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय बेहद जरूरी है। तकनीक-आधारित, समन्वित और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण से ही दिल्ली को अधिक सुरक्षित और बेहतर ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है।'
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) अजय चौधरी, संयुक्त पुलिस आयुक्त संजय त्यागी, ट्रैफिक के तीन अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, विभिन्न जिलों के ट्रैफिक उपायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह उच्च स्तरीय उपस्थिति इस बात का संकेत है कि ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारियाँ प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
ट्रैफिक पुलिस की नागरिक पहलें
बैठक में उपराज्यपाल को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाई जा रही तीन प्रमुख पहलों की जानकारी दी गई। पहली — 'ट्रैफिक पाठशाला', जो नियम तोड़ने वालों को जागरूक करने के लिए चलाई जा रही है। दूसरी — 'ट्रैफिक पंचायत', जो यातायात प्रबंधन में नागरिक निकायों और अन्य हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करती है। तीसरी — खतरनाक यातायात उल्लंघनों के विरुद्ध विशेष अभियान। अधिकारियों के अनुसार इन पहलों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना, यातायात व्यवस्था सुधारना और नागरिकों में नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
आगे की राह
गौरतलब है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन जैसे वैश्विक आयोजनों के दौरान दिल्ली की यातायात व्यवस्था हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है। इस बार प्रशासन का जोर तकनीक और बहु-एजेंसी समन्वय पर है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि राजधानी के नागरिकों को पिछले आयोजनों की तुलना में कम व्यवधान का सामना करना पड़ेगा। आने वाले दिनों में विस्तृत यातायात परामर्श जारी किए जाने की संभावना है।