दिल्ली एलजी टीएस संधू ने नियमों में ढील और अनुपालन बोझ घटाने की समीक्षा की, मोदी के 'ईज ऑफ लिविंग' विजन का दिया हवाला
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आम नागरिकों पर अनुपालन का बोझ घटाने और नियमों में ढील लाने के लिए चल रहे सुधारों की प्रगति की समीक्षा की। इस समीक्षा में सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि सुधार प्रक्रिया को शीघ्र और कुशलता से पूरा किया जाए, ताकि दिल्लीवासियों के रोजमर्रा के जीवन को वास्तविक रूप से सुगम बनाया जा सके।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
उपराज्यपाल संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने दिल्ली में नियमों में ढील और अनुपालन में कमी लाने की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें आम नागरिक की सुविधा को सर्वोपरि रखा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य है — लालफीताशाही में कमी, अनुमोदन प्रक्रिया में तेज़ी और एक ऐसी प्रणाली जो नागरिकों के हित में काम करे।
संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'ईज ऑफ लिविंग' के विजन से प्रेरित होकर दिल्ली को एक ऐसी विकसित राजधानी बनाना होगा जो लोगों को सर्वोपरि रखे।
दिल्ली पुलिस के साथ सुरक्षा समीक्षा
यह बैठक गुरुवार, 20 अगस्त को दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के साथ हुई बैठक के एक दिन बाद आयोजित हुई। उस बैठक में उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू की जा रही विशेष सामुदायिक पुलिसिंग पहलों, जन कल्याण मंचों और लक्षित सुरक्षा उपायों का मूल्यांकन किया।
एक अधिकारी के अनुसार, बैठक में वरिष्ठ नागरिकों और महिला यात्रियों सहित संवेदनशील जनसांख्यिकी समूहों के लिए संस्थागत समर्थन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष जोर
उपराज्यपाल संधू ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के कामकाज, उपयोग और परिचालन दक्षता की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि वरिष्ठ नागरिकों की संख्या का गहन पुनर्मूल्यांकन किया जाए और उसी के अनुसार इस एप्लिकेशन का विस्तार किया जाए।
बीट स्तर पर पुलिस संपर्क और नियमित पंजीकरण का जायजा लेते हुए संधू ने त्वरित शिकायत निवारण, मजबूत आपातकालीन सहायता और स्थानीय पुलिस कर्मियों द्वारा नियमित दौरों की आवश्यकता पर बल दिया।
शिष्टाचार दस्तों का प्रदर्शन मूल्यांकन
समीक्षा में छेड़छाड़ पर अंकुश लगाने और सड़क पर उत्पीड़न रोकने के लिए गठित विशेष 'शिष्टाचार दस्तों' के प्रदर्शन और जमीनी तैनाती का भी मूल्यांकन किया गया। ये दस्ते शैक्षणिक संस्थानों, परिवहन केंद्रों और भीड़भाड़ वाले बाजारों के आसपास सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात हैं।
आगे क्या होगा
उपराज्यपाल के निर्देशों के बाद सभी विभागों से अनुपालन सुधार की समयबद्ध रिपोर्ट अपेक्षित है। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब दिल्ली में प्रशासनिक सुधारों को गति देने की मांग लगातार उठती रही है। आने वाले हफ्तों में इन सुधारों के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट होगी।