दिल्ली एलजी टीएस संधू ने पुलिस अधिकारियों संग नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग पर मंथन, 'पिंक फोर्स' का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को पुलिस मुख्यालय (PHQ) सभागार में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों — सहायक आयुक्त स्तर और उससे ऊपर — के साथ नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को सुदृढ़ करने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। इस बैठक में जमीनी परिणामों की समीक्षा के साथ-साथ राजधानी में सार्वजनिक सुरक्षा के नए मानदंड स्थापित करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
मुख्य घटनाक्रम
उपराज्यपाल संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'आज PHQ में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से बात की और ऑन-ग्राउंड नतीजों का अंदाजा लगाया और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत किया।' यह पुलिस मुख्यालय का उनका दूसरा दौरा था — इससे पहले वे 24 जून 2026 को यहाँ आए थे।
बैठक में पिछले दौरे में उठाए गए कदमों पर जनता की प्रतिक्रिया, शेष कमियों की पहचान और उन्हें दूर करने की कार्ययोजना पर केंद्रित चर्चा हुई। एलजी ने कहा कि उद्देश्य सरल और स्पष्ट है — 'एक सुरक्षित दिल्ली और नागरिकों में पुलिस पर अधिक भरोसा।'
महिला सुरक्षा: 'पिंक फोर्स' का निर्देश
संधू ने दिल्ली पुलिस को 'पिंक फोर्स' गठित करने का स्पष्ट निर्देश दिया — यह प्रशिक्षित महिला पेट्रोल इकाइयों की एक समर्पित, दृश्यमान और त्वरित-प्रतिक्रिया देने वाली टीम होगी। इसे स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों और संवेदनशील हॉटस्पॉट पर तैनात किया जाएगा।
उन्होंने कहा, 'महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।' इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि हर नागरिक को सुरक्षित महसूस होना चाहिए और पुलिसिंग अधिक सरल और जवाबदेह होनी चाहिए, जहाँ हर बीट, हर प्रतिक्रिया और हर कार्रवाई के केंद्र में जनसुरक्षा हो।
पुलिस स्टेशन सुधार और जन-संपर्क
एलजी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक पुलिस स्टेशन ऐसा केंद्र बने जहाँ नागरिकों की सुनवाई हो, उन्हें सहायता मिले और वे सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने बीट ऑफिसर्स और उनके सेवा-क्षेत्र के समुदायों के बीच मजबूत संपर्क बनाने पर बल दिया।
जन-सुनवाई शिकायतों को डिजिटल माध्यम से ट्रैक करने, हर शिकायत पर निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने और अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों को तत्काल संबंधित एजेंसी को अग्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए।
ट्रैफिक, जागरूकता और संवेदनशील क्षेत्र
ट्रैफिक प्रबंधन के संदर्भ में संधू ने भीड़भाड़ वाले प्रमुख चौराहों की पहचान और निगरानी, पीक आवर्स में मौजूदगी तथा रियल-टाइम CCTV और ट्रैफिक कंट्रोल रूम की निगरानी को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। स्कूल, कॉलेज, बाज़ार और परिवहन केंद्रों के आसपास विशेष ध्यान देने की बात कही।
पॉक्सो और बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, नशीली दवाओं के दुरुपयोग तथा सड़क सुरक्षा पर नियमित, इंटरैक्टिव जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए। इस संदर्भ में हर पुलिस जिले में एक नोडल ऑफिसर नियुक्त होगा और इन सत्रों के लिए हर तीन महीने में एक कैलेंडर तैयार किया जाएगा।
ब्रिक्स समिट की सराहना और भविष्य की तैयारी
एलजी ने ब्रिक्स समिट के सफल एवं सुरक्षित आयोजन के लिए दिल्ली पुलिस और सभी सुरक्षा एजेंसियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के स्तर ने सावधानीपूर्वक नियोजन, घनिष्ठ समन्वय और व्यावसायिकता के उच्चतम मानक को रेखांकित किया, जबकि राजधानी में सामान्य जनजीवन में न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित किया गया।
गौरतलब है कि समिट से प्राप्त परिचालन सबक दिल्ली में भविष्य के बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की तैयारी को और मजबूत बनाने में मूल्यवान साबित होंगे। यह पहल ऐसे समय में आई है जब राजधानी में महिला सुरक्षा और पुलिस-नागरिक विश्वास दोनों सतत सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में हैं।