5 अक्टूबर 2026
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एसआईआर विवाद: रिजिजू के 'भारत विरोधी साजिश' बयान पर कांग्रेस का तीखा पलटवार

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एसआईआर विवाद: रिजिजू के 'भारत विरोधी साजिश' बयान पर कांग्रेस का तीखा पलटवार

सारांश

केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने एसआईआर विरोध को 'भारत विरोधी साजिश' बताया — कांग्रेस ने पलटवार में कहा, यह लड़ाई देश और लोकतंत्र को बचाने की है। उदित राज ने सर्वोच्च न्यायालय की सक्रियता और सीईसी इस्तीफे की माँग को जनभावना का प्रतिबिंब करार दिया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता उदित राज ने 5 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के एसआईआर-विरोध को 'भारत विरोधी साजिश' बताने वाले बयान को सिरे से नकारा।
उदित राज ने कहा — 'यदि लोकतंत्र नहीं रहेगा तो देश नहीं चलेगा; हमारी लड़ाई भारत को बचाने का प्रयास है।' सर्वोच्च न्यायालय ने सीईसी के खिलाफ याचिकाओं पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया; कांग्रेस ने सीईसी के तत्काल इस्तीफे की माँग दोहराई।
रिटायर्ड जस्टिस नरीमन के अनुसार बंगाल में 90 लाख मतदाताओं को वोट देने से रोका गया।
कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने BJP पर आरोप लगाया कि उसके पास न विदेश नीति है, न आर्थिक नीति, न रोज़गार नीति और न किसान नीति।

कांग्रेस नेता उदित राज ने 5 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें रिजिजू ने दावा किया था कि एसआईआर (SIR) का विरोध 'भारत विरोधी तत्वों की साजिश' है। उदित राज ने साफ कहा कि कांग्रेस की यह लड़ाई देश को बचाने का प्रयास है और लोकतंत्र की रक्षा इसी से संभव है।

उदित राज का जवाब: 'लोकतंत्र के बिना देश नहीं चलता'

उदित राज ने अपनी प्रतिक्रिया में तर्क दिया कि यदि लोकतंत्र नहीं रहेगा तो क्या मिट्टी और हवा से देश चलेगा? उनके अनुसार, इंसान की आज़ादी, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और उसका अस्तित्व सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, 'हमारी लड़ाई भारत को बचाने का एक प्रयास है, लोकतंत्र इसी से बचेगा।'

मणिशंकर अय्यर के बयान पर उदित राज की सतर्क दूरी

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर दिए बयान पर जब उदित राज से सवाल किया गया, तो उन्होंने इससे स्पष्ट रूप से अलग रहते हुए कहा कि इस पर जवाब अय्यर को ही देना चाहिए। गौरतलब है कि अय्यर ने कथित तौर पर कहा था कि भारत में पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस तो है, लेकिन संवाद की पहल करने की हिम्मत नहीं। अय्यर ने सवाल उठाया था कि जब दोनों देश पड़ोसी हैं, तो आपसी मतभेदों को बातचीत से सुलझाने और संबंध बेहतर करने की कोशिश क्यों नहीं होती।

सुप्रीम कोर्ट नोटिस और चुनाव आयोग विवाद

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किए जाने पर उदित राज ने कहा कि यह मामला अब देश का आंतरिक सवाल बन चुका है। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक दल या इंडिया गठबंधन ही नहीं, बल्कि न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञ, प्रोफेसर, डॉक्टर और छात्र भी इस पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का संदर्भ देते हुए कहा कि वे सवाल अब सामने आ रहे हैं और उनके पास सबूत और साक्ष्य हैं।

उदित राज ने यह भी कहा कि जस्टिस भुइयां ने कहा है कि किसी का वोट देने का अधिकार नहीं छीना जा सकता, जबकि रिटायर्ड जस्टिस नरीमन के अनुसार बंगाल में 90 लाख मतदाताओं को वोट देने से रोका गया। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में दो न्यायाधीशों के लोकतंत्र के समर्थन में आगे आने की सराहना की।

कांग्रेस ने यह भी माँग दोहराई कि सीईसी को जल्द से जल्द इस्तीफा देना चाहिए और पार्टी इस माँग पर कायम है।

राजेंद्र पाल गौतम का BJP पर हमला

कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने भी रिजिजू के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) खुद देश को कमज़ोर करने का काम कर रही है। गौतम ने आरोप लगाया कि सरकार के पास न कोई विदेश नीति है, न आर्थिक नीति, न रोज़गार नीति और न किसान नीति। उनका कहना था कि इस सरकार ने देश को हर मोर्चे पर विफल किया है। रिजिजू के बयान पर गौतम ने कहा कि उन्हें पहले यह देखना चाहिए कि उनकी सरकार देश को कहाँ ले गई है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब एसआईआर को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनाव चरम पर है। दिल्ली दंगों का मामला भी अब उच्च न्यायालय के समक्ष आ चुका है, जिससे न्यायिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर हलचल तेज़ है। विश्लेषकों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय की सक्रियता इस मुद्दे को और व्यापक सार्वजनिक बहस में ले जा सकती है। आने वाले दिनों में इस मामले की न्यायिक सुनवाई का रुख सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बहस को मुद्दे से हटाओ। लेकिन जब सर्वोच्च न्यायालय स्वयं चुनाव आयोग को नोटिस जारी करे और सेवानिवृत्त न्यायाधीश लाखों मतदाताओं के अधिकार हनन की बात करें, तो 'साजिश' का तर्क कमज़ोर पड़ जाता है। असली सवाल एसआईआर की प्रक्रियागत पारदर्शिता का है, न कि उसके आलोचकों की राष्ट्रभक्ति का। मुख्यधारा की कवरेज इस बहस को कांग्रेस बनाम BJP तक सीमित कर देती है, जबकि न्यायाधीशों, प्रोफेसरों और नागरिक समाज की भागीदारी यह बताती है कि चिंता का दायरा कहीं व्यापक है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू ने एसआईआर के बारे में क्या कहा था?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दावा किया कि एसआईआर (SIR) का विरोध भारत विरोधी तत्वों की साजिश का हिस्सा है। यह बयान विपक्ष और कांग्रेस के तीव्र पलटवार का कारण बना।
उदित राज ने रिजिजू के बयान पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई भारत को बचाने का प्रयास है और लोकतंत्र की रक्षा इसी से होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इंसान की आज़ादी और व्यक्तिगत स्वतंत्रता सर्वोपरि है।
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस क्यों जारी किया?
सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग और केंद्र को नोटिस भेजा। कांग्रेस का कहना है कि उनके द्वारा प्रस्तुत सबूत और साक्ष्य अब न्यायिक संज्ञान में आ रहे हैं।
मणिशंकर अय्यर के सर्जिकल स्ट्राइक वाले बयान पर उदित राज ने क्या रुख अपनाया?
उदित राज ने इस मुद्दे से स्पष्ट रूप से दूरी बनाते हुए कहा कि इस बयान पर जवाब अय्यर को ही देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत बयान है और उनसे ही इस पर उत्तर माँगा जाना चाहिए।
कांग्रेस की सीईसी से क्या माँग है?
कांग्रेस की माँग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त जल्द से जल्द इस्तीफा दें। उदित राज ने कहा कि पार्टी इस माँग पर पूरी तरह कायम है और न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञ तथा नागरिक समाज भी इस सवाल को उठा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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