एसआईआर विवाद: रिजिजू के 'भारत विरोधी साजिश' बयान पर कांग्रेस का तीखा पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता उदित राज ने 5 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें रिजिजू ने दावा किया था कि एसआईआर (SIR) का विरोध 'भारत विरोधी तत्वों की साजिश' है। उदित राज ने साफ कहा कि कांग्रेस की यह लड़ाई देश को बचाने का प्रयास है और लोकतंत्र की रक्षा इसी से संभव है।
उदित राज का जवाब: 'लोकतंत्र के बिना देश नहीं चलता'
उदित राज ने अपनी प्रतिक्रिया में तर्क दिया कि यदि लोकतंत्र नहीं रहेगा तो क्या मिट्टी और हवा से देश चलेगा? उनके अनुसार, इंसान की आज़ादी, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और उसका अस्तित्व सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, 'हमारी लड़ाई भारत को बचाने का एक प्रयास है, लोकतंत्र इसी से बचेगा।'
मणिशंकर अय्यर के बयान पर उदित राज की सतर्क दूरी
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर दिए बयान पर जब उदित राज से सवाल किया गया, तो उन्होंने इससे स्पष्ट रूप से अलग रहते हुए कहा कि इस पर जवाब अय्यर को ही देना चाहिए। गौरतलब है कि अय्यर ने कथित तौर पर कहा था कि भारत में पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस तो है, लेकिन संवाद की पहल करने की हिम्मत नहीं। अय्यर ने सवाल उठाया था कि जब दोनों देश पड़ोसी हैं, तो आपसी मतभेदों को बातचीत से सुलझाने और संबंध बेहतर करने की कोशिश क्यों नहीं होती।
सुप्रीम कोर्ट नोटिस और चुनाव आयोग विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई और चुनाव आयोग को नोटिस जारी किए जाने पर उदित राज ने कहा कि यह मामला अब देश का आंतरिक सवाल बन चुका है। उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक दल या इंडिया गठबंधन ही नहीं, बल्कि न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञ, प्रोफेसर, डॉक्टर और छात्र भी इस पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का संदर्भ देते हुए कहा कि वे सवाल अब सामने आ रहे हैं और उनके पास सबूत और साक्ष्य हैं।
उदित राज ने यह भी कहा कि जस्टिस भुइयां ने कहा है कि किसी का वोट देने का अधिकार नहीं छीना जा सकता, जबकि रिटायर्ड जस्टिस नरीमन के अनुसार बंगाल में 90 लाख मतदाताओं को वोट देने से रोका गया। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में दो न्यायाधीशों के लोकतंत्र के समर्थन में आगे आने की सराहना की।
कांग्रेस ने यह भी माँग दोहराई कि सीईसी को जल्द से जल्द इस्तीफा देना चाहिए और पार्टी इस माँग पर कायम है।
राजेंद्र पाल गौतम का BJP पर हमला
कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने भी रिजिजू के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) खुद देश को कमज़ोर करने का काम कर रही है। गौतम ने आरोप लगाया कि सरकार के पास न कोई विदेश नीति है, न आर्थिक नीति, न रोज़गार नीति और न किसान नीति। उनका कहना था कि इस सरकार ने देश को हर मोर्चे पर विफल किया है। रिजिजू के बयान पर गौतम ने कहा कि उन्हें पहले यह देखना चाहिए कि उनकी सरकार देश को कहाँ ले गई है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब एसआईआर को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तनाव चरम पर है। दिल्ली दंगों का मामला भी अब उच्च न्यायालय के समक्ष आ चुका है, जिससे न्यायिक और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर हलचल तेज़ है। विश्लेषकों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय की सक्रियता इस मुद्दे को और व्यापक सार्वजनिक बहस में ले जा सकती है। आने वाले दिनों में इस मामले की न्यायिक सुनवाई का रुख सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।