कांग्रेस नेता उदित राज का टीएमसी के महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन: एक नई राजनीतिक बहस
सारांश
Key Takeaways
- उदित राज ने टीएमसी के महाभियोग प्रस्ताव का स्वागत किया।
- कांग्रेस पहले से ही चुनाव आयोग के मुद्दे पर सक्रिय है।
- यूसीसी पर केंद्र सरकार द्वारा सवाल उठाए गए हैं।
- टीएमसी का सहयोग आवश्यक है।
- राजनीतिक बहस तेज हो रही है।
नई दिल्ली, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता उदित राज ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की पहल का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस कदम को समर्थन देने के लिए तैयार है, हालांकि उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब कांग्रेस ने पहले इस मुद्दे को उठाया था, तब टीएमसी उनके साथ नहीं आई थी।
उदित राज ने कहा, "यह एक सकारात्मक कदम है। हम पहले से ही इस मुद्दे पर संघर्ष कर रहे थे। उस समय टीएमसी ने हमारी मदद नहीं की थी। जब राहुल गांधी ने यह बताया था कि कर्नाटक में वोट डिलीशन कैसे हुआ, महाराष्ट्र और हरियाणा में वोट प्रतिशत कैसे बढ़ा और किस प्रकार से हेरफेर हुआ, तब भी हमने विरोध जताया था।"
उन्होंने आगे कहा कि बिहार में एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस ने एक बड़ी यात्रा निकाली थी, लेकिन उस समय टीएमसी ने उसका समर्थन नहीं किया था।
कांग्रेस नेता ने कहा, "जब हमने बिहार में एसआईआर के खिलाफ यात्रा निकाली थी, तब टीएमसी हमारे साथ नहीं थी। लेकिन अगर अब टीएमसी इस कदम को उठा रही है, तो हम उसका समर्थन करेंगे।"
इसके साथ ही, उदित राज ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि स्वयं केंद्र सरकार द्वारा गठित कानून आयोग ने पहले कहा था कि यूसीसी की जरूरत नहीं है और यह व्यावहारिक भी नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि इन कानूनों के तहत कई समुदायों को अलग रखा गया है।
कांग्रेस नेता ने कहा, "आदिवासियों को इससे बाहर रखा गया है और कुछ अन्य समुदायों को भी अलग रखा गया है। भाजपा शुरू से ही यूसीसी को अपने राजनीतिक एजेंडे में शामिल करती रही है।"
चुनाव आयोग और यूसीसी जैसे मुद्दों पर राजनीतिक चर्चा एक बार फिर गहन हो गई है।